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समायोजित शिक्षामित्रों में आक्रोश, सड़क पर उतरे

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हरदोई। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद बुधवार को समायोजित शिक्षामित्र आक्रोशित दिखे। गांधी मैदान में एकत्र हुए समायोजित शिक्षामित्रों ने पहले सभा की। इसके बाद शहर में पैदल मार्च निकाला। इस दौरान सरकार विरोधी नारे लगाए।
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प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के बैनर तले बुधवार समायोजित शिक्षक गांधी मैदान में एकत्र हुए। यहां समायोजित शिक्षामित्रों को संबोधित करते हुए संघ के जिलाध्यक्ष मनीराम राजपूत ने कहा कि वह लोग निराश तो हैं लेकिन हताश नहीं हैं। अपने अधिकारों को पाने के लिए संघर्ष करते रहेंगे। जो अर्हता रखी गई है उसे भी प्राप्त करने की कोशिश बड़े स्तर पर की जाएगी।

इस सबके बावजूद न्यायालय ने समायोजित शिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित करने का अधिकार राज्य सरकार को दे दिया है। उन्होंने मांग की कि राज्य सरकार समायोजित शिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए तत्काल प्रभाव से निर्णय ले। यह भी मांग की गई कि राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट में पुर्न विचार याचिका दाखिल कराए। जिला महामंत्री राम प्रताप सिंह यादव ने कहा कि सभी साथी धैर्य के साथ काम लें।
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अधिकारों को हासिल करने के लिए हमेशा ही संघर्ष करना पड़ता है और यह संघर्ष करने के लिए सभी लोग तैयार रहें। इसके बाद समायोजित शिक्षामित्र गांधी मैदान से जुलूस की शक्ल में पैदल मार्च करते हुए नुमाइश चौराहा पहुंचे। घंटाघर मार्ग, सोल्जर बोर्ड चौराहा, अस्पताल तिराहा होते हुए यह लोग तिकुनिया पार्क में स्थित गांधी प्रतिमा पर पहुंचे।

गांधी प्रतिमा पर कुछ देर धरना देने के बाद जेल रोड से होते हुए सभी समायोजित शिक्षामित्र दोबारा गांधी मैदान पहुंचे। यहां जिलाध्यक्ष ने सभी समायोजित शिक्षामित्रों को हौसले बरकरार रखने की बात कही।

एक साथ दिखे दोनाें संगठन
हरदोई (ब्यूरो)। बुधवार को समायोजित शिक्षामित्रों के दोनाें संगठन एक साथ नजर आए। हालांकि आदर्श समायोजित शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष संतोष शुक्ला के नेतृत्व में कुछ समायोजित शिक्षक राजकीय इंटर कालेज के मैदान में एकत्र हुए। इनकी संख्या काफी कम थी। इसके बाद जिलाध्यक्ष संतोष शुक्ला अपने साथियों के साथ गांधी मैदान में एकत्र हुए समायोजित शिक्षकों के पास पहुंचे। यहां उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के बैनर तले समायोजित शिक्षक एकत्र हुए थे। संतोष शुक्ला ने कहा कि संघर्ष की इस घड़ी में सभी एक हैं, फिर वह भी वहीं मौजूद रहे।

रास्ता खाली कराती रही पुलिस
हरदोई (ब्यूरो)। गांधी मैदान से जुलूस की शक्ल में पैदल मार्च करने निकले समायोजित शिक्षामित्रों का पुलिस ने पूरा सहयोग किया। समायोजित शिक्षामित्रों ने भी सड़क पर बहुत ज्यादा आक्रोश नहीं दिखाया। पैदल मार्च के रूट पर समायोजित शिक्षामित्रों के आगे सीओ सिटी ममता कुरील, महिला थाना प्रभारी अनीता दुबे के अलावा भारी पुलिस बल चल रहा था। पुलिस बल समायोजित शिक्षामित्रों के लिए सड़क खाली कराते चल रहा था। पुलिस की मंशा थी कि यातायात भी अवरुद्ध न हो और समायोजित शिक्षामित्रों की भावनाएं भी आहत न हों। कुल मिलाकर एक दूसरे का सहयोग कर दोनों अपने मिशन में सफल रहे।


आंकड़ों पर एक नजर
हरदोई (ब्यूरो)। बेसिक शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक जनपद में लगभग 4200 शिक्षामित्र तैनात थे। जिनमें से 4006 का समायोजन सहायक अध्यापक के पद पर हो चुका है। समायोजित शिक्षामित्रों में से लगभग 450 टीईटी की परीक्षा भी पास कर चुके हैं।


मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
हरदोई (ब्यूरो)। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ की ओर से एक ज्ञापन मुख्यमंत्री को भेजा गया है। ज्ञापन में मुख्यमंत्री से मांग की गई है कि राज्य सरकार समायोजित शिक्षामित्रों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए उचित निर्णय लें। यह मांग भी की गई है कि समायोजित शिक्षामित्रों के मसले पर सर्वोच्च न्यायालय में पुर्नविचार याचिका शीघ्र दाखिल की जाए।


निकल पड़े आंसू
हरदोई (ब्यूरो)। समायोजित शिक्षामित्रों में बड़ी संख्या में महिलाएं भी हैं। इन महिलाओं को अपना सुनहरा ख्वाब टूटता हुआ नजर आया। गांधी मैदान में एकत्र कई महिला समायोजित शिक्षामित्रों की आंखों में आंसू साफ नजर आए।


पुलिस ने कराई वीडियोग्राफी
हरदोई (ब्यूरो)। शहर में पैदल मार्च के दौरान पुलिस ने समायोजित शिक्षामित्रों की वीडियोग्र्राफी कराई। दरअसल कुछ समायोजित शिक्षामित्र बाइक पर सवार थे। इनमें कई ऐसे थे जो एक ही बाइक पर तीन-तीन लोग बैठे हुए थे। यह लोग सरकार के विरोध में नारेबाजी कर रहे थे और भीड़ का फायदा उठाकर राहगीरों से नोंकझोंक भी कर रहे थे।
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-गांधी मैदान में एकत्र होकर शहर में किया पैदल मार्च
-निराशा है लेकिन हताशा नहीं-मनीराम
अमर उजाला ब्यूरो
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