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बारिश से बिजली आपूर्ति चरमराई, सड़क व रेल यातायात प्रभावित

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उन्नाव। मंगलवार रात से बुधवार दोपहर तक हुई तेज बारिश परेशानियों को भी साथ लेकर आई। शहर की सड़कें जलमग्न होने से लोगों का आवागमन में दिक्कत हुई। दर्जनों स्थानों पर पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित रहा। वहीं फाल्टों की भरमार और विद्युत लाइनें टूटने से बिजली आपूर्ति चरमरा गई।
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उन्नाव-रायबरेली रेलवे रूट पर कोरारी रेलवे हाल्ट के पास रात करीब 12 बजे पेड़ टूटने से हाईटेंशन लाइन रेलवे ट्रैक पर गिर गई। इससे पांच घंटे तक इस रूट का रेल यातायात बाधित रहा। ट्रैक बंद होने से दो मालगाड़ी रास्ते में फंस गईं। सूचना पर रात में ही एक्सईएन एसके पांडेय ने एसडीओ और जेई को मौके पर भेजा और मरम्मत शुरू कराई। पेड़ और विद्युत लाइन हटाने का काम सुबह पांच बजे तक पूरा हो पाया।

इसके बाद ट्रेनों को रायबरेली के लिए रवाना किया गया। रात करीब 11 बजे लखनऊ-कानपुर हाईवे पर गदनखेड़ा चौराहा के पास एक पेड़ एचटी लाइन पर गिर गया। इससे हाईवे पर कई घंटे जाम लगा रहा। गंजमुरादाबाद प्रतिनिधि के अनुसार हरदोई मार्ग पर पेड़ गिरने से कई घंटे जाम लगा रहा। हसनगंज प्रतिनिधि के अनुसार मोहान मार्ग पर भी कई घंटे जाम की स्थिति रही। हालांकि बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे। किसान धान रोपाई की तैयारियों में जुट गए हैं।
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पेड़ गिरने से हरदोई-उन्नाव मार्ग जाम: गंजमुरादाबाद (ब्यूरो)। मंगलवार की रात हरदोई-उन्नाव मार्ग पर ग्राम सुलतानपुर के पास एक पेड़ तेज हवा और बारिश के दौरान गिर गया। जिससे हरदोई-उन्नाव मार्ग पूरी तरह से ठप हो गया। इससे दोनों ओर कई किमी लंबा जाम लग गया।

सुबह सुलतानपुर के ग्रामीणों ने कि सी प्रकार पेड़ काटकर सड़क से हटाया। तब जाकर आवागमन सुचारु हो सका। पेड़ गिरने से करीब पांच घंटे तक जाम लगा रहा। कई किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें नजर आईं। बुधवार सुबह सात बजे आवागमन सुचारु हो सका।

शहर से गांवों तक बिजली संकट: बारिश से शहर के अलावा ग्रामीण इलाकोें की भी बिजली गुल रही। कई मोहल्लों के ट्रांसफार्र्मर फुंक गए। बिजली न आने से लोग बेहाल रहे। नए ट्रांसफार्मर न होने से विभागीय अधिकारियों को व्यवस्था दुरुस्त करने में पसीने छूट गए।

कई बार बिजली अधिकारियों को फोन करने के बाद भी फुंके ट्रांसफार्मर नहीं बदले गए। शहर का कब्बाखेड़ा पावर हाउस मंगलवार रात से ही बंद रहा। इससे जुड़े सिविल लाइन, कब्बाखेड़ा, मौहारीबाग, बंधूहार, रामपुरी, कचहरी में पूरी रात बिजली नहीं आई। सुबह कुछ देर के लिए बिजली आई, लेकिन फिर चली गई।

मुख्य मार्ग से गलियों तक जलभराव: कई घंटे की झमाझम बारिश से अधिकांश मोहल्लों में भीषण जलभराव हो गया है। शहर के गांधीनगर, ईदगाह, इंद्रानगर, डीएसएन कालेज रोड, आदर्श नगर, हिरन नगर, पीडीनगर, कृष्णानगर, शिवनगर, सिविल लाइन, कब्बाखेड़ा, मौहारीबाग, कल्याणी सहित अधिकांश मोहल्ले जलभराव की चपेट में रहे। पूरन नगर, क्वेटा तालाब नई बस्ती, रामपुर, बंधूहार आदि मोहल्ले जलमग्न रहे। लोग घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं।

रेलवे ट्रैक पर भर गया पानी
उन्नाव। पहली बारिश में ही उन्नाव जंक्शन के पास रेलवे ट्रैक पर पानी भर गया। अभी यह हाल हैं तो आगे जलभराव रेलवे ट्रैक के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। विभागीय सूत्रों की माने तो इससे ट्रैक कमजोर हो सकता है और यह ट्रेनों को भी प्रभावित कर सकता है। लोग इसका कारण रेलवे स्टेशन के सीवरेज सिस्टम का धड़ाम होना बता रहे हैं।

काफी समय से उन्नाव जंक्शन का सीवरेज सिस्टम धड़ाम है। कभी स्टेशन परिसर तो कभी टिकट विंडो सीवरेज के पानी से भरे रहते हैं। मौजूदा समय में बारिश की शुरुआत होने से यह समस्या और भी गंभीर होती जा रही है। हालात यहां तक पहुंच गए हैं कि जलभराव अब स्टेशन परिसर व टिकट विंडो से रेलवे ट्रैक तक पहुंच गया है।

अभी पहली बारिश में स्टेशन के मुख्य दो नंबर ट्रैक तक जलभराव हो गया है। वहीं यह पानी लूप लाइन तक भी पहुंच चुका है। विभागीय सूत्रों की मानें तो ट्रैक पर अधिक मात्रा में पानी भरने से एक ओर जहां ट्रैक के नीचे की मिट्टी के बहने का डर है वहीं दूसरी ओर ट्रैक के धंसने की भी आशंका है।

अफसरों का कहना है कि सीवरेज सिस्टम को दुरुस्त किए जाने के लिए कई महीनों से अधिकारियों को लिखित रूप से मांग की जा चुकी है। लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। अगर यही हालात रहे तो आने वाले समय में ट्रैक पर अधिक पानी भरने से अनहोनी की आशंका है।
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-विद्युत लाइनों पर गिरे पेड़, घंटो रुकी रुकी ट्रेनें और हाईवे पर लगा जाम
-हरदोई और मोहान मार्ग समेत कई रास्तों पर लगा जाम
-खेती को मिली संजीवनी, किसानों के चेहरों पर दिखी खुशी
अमर उजाला ब्यूरो
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