कानपुर देहात। रामचरित मानस जैसे ग्रंथ के रचनाकार महाकवि तुलसीदास के जन्मस्थान और तारीख को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग की पुस्तकें गफलत पैदा क रही हैं। विद्यार्थी यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि तुलसी का जन्म स्थान बांदा मानें या कासगंज।
बेसिक शिक्षा विभाग के पाठ्यक्रम में कक्षा पांच में हिंदी की पाठ्यपुस्तक कलरव के पेज नंबर 80, पाठ संख्या 14 भक्ति नीति माधुरी में तुलसीदास की जन्मतिथि 1532 और जन्म स्थान बांदा जिले का गांव राजापुर में दर्शाया गया है। उनकी मृत्यु 1632 ई. में बताई गई है। कक्षा सात की हिंदी पाठ्य पुस्तक मंजरी के पेज नंबर 39 पर तुलसीदास की रचना के नीचे उनका जन्म परिचय भी लिखा है। इसमें जन्म तिथि 1511 , मृत्यु 1623 और जन्म स्थान एटा के कासगंज के सोरों में दर्शाया गया है। दो कक्षाओं में अलग-अलग जन्म स्थान व जन्म तारीख में भेद होने के कारण विद्यार्थियों में असमंजस की स्थिति है।
वहीं फतेह बहादुर सिंह, एडी बेसिक ने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास के जन्म स्थान व जन्म तारीख में परिवर्तन का मामला प्रकाश में नहीं आया है, जानकारी करके शिक्षा निदेशक को पत्र लिखेंगे।