कानपुर देहात। भोगनीपुर कोतवाली के हराहरा गांव के एक युवक की घाटमपुर, तिलसड़ा में संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। ससुराल के लोग वहीं शव के अंतिम संस्कार का दबाव बना रहे थे। परिजन किसी तरह से शव लेकर गांव पहुंचे। परिजनों की मांग पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया था। गुरुवार को पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट न होने से मामला उलझ गया। इधर, ससुराल में हुई मौत पर परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है।
कोतवाली के हराहरा गांव निवासी बीरेंद्र का आरोप है कि उसके भाई धर्मेंद्र (24) की ससुराल तिलसड़ा घाटमपुर में है, बीती 28 अगस्त को हत्या कर दी गई। इसके बाद ससुराल वालों ने बीमारी की सूचना देकर पहले कानपुर, इसके बाद घाटमपुर बुलाया। घाटमपुर पहुंचने पर घर बुलाया तो देखा वहां भाई का शव बर्फ पर रखा था। उसके मुंह व कान से खून निकला था वहीं गुप्तांगों में सूजन थी।
छानबीन करने पर ससुराल के लोग वहीं अंतिम संस्कार करने का दबाव बनाने लगे। किसी तरह से वह लोग शव लेकर गांव हराहरा पहुंचे। वहां पूर्व प्रधान हरीशंकर यादव को जानकारी दी। उन्होंने पुलिस को सूचना देकर शव के पोस्टमार्टम कराने की मांग की थी। भोगनीपुर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
इधर, वीरेंद्र का आरोप है कि भाई धर्मेंद्र का पत्नी सरिता से विवाद चल रहा था। उसकी पत्नी ने अपने मायके वालों के साथ मिलकर मौत के घाट उतार दिया। भोगनीपुर कोतवाल मनोज सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट न होने पर विसरा सुरक्षित किया है। परिजनों के आरोपों की जांच की जा रही है।