कानपुर देहात। कस्तूरबा बालिका आवासीय विद्यालय का जिले की सभी महिला अफसर माह में एक बार निरीक्षण करेंगी। वहां की स्थिति की रिपोर्ट डीएम को भेजेंगी। डीएम ने सभी महिला अधिकारियों को पत्र लिखकर निर्देश जारी कर दिए हैं। बालिका विद्यालय में अब किसी तरह की गड़बड़ी होने की आशंका और कम हो जाएगी।
बाल सुधार गृह के अलावा छात्राओं के आवासीय विद्यालयों में व्यवस्था चाक-चौबंद करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। कस्तूरबा बालिका विद्यालय बहराइच की छात्रा के साथ हुए रेप की घटना के बाद जिला प्रशासन पूरी चौकसी बरत रहा है। डीएम राकेश कुमार सिंह ने गौर गांव स्थित कस्तूरबा विद्यालय में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने के निर्देश के बाद स्कूल के निरीक्षण की जिम्मेदारी जिले के सभी महिला अफसरों को सौंपी है। डीएम ने एसडीएम डेरापुर दीपाली कौशिक, एसडीएम सिकंदरा विजेता, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र नेहा सिंह, अतिरिक्त मजिस्ट्रेट अंजू वर्मा, बीएसए संगीता सिंह, डीएसओ अंशिका दीक्षित समेत महिला अधिकारियों को हर माह कस्तूरबा बालिका विद्यालय का निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। महिला अधिकारी वहां के शिक्षण कार्य, खाना व्यवस्था, सुरक्षा, साफ-सफाई व छात्राओं की अन्य समस्याओं के बाबत जांच कर प्रत्येक माह डीएम को रिपोर्ट करेंगी। अभी तक बीएसए व एसडीएम स्तर से निरीक्षण होते थे लेकिन अब बदली व्यवस्था के अनुसार करीब आधा दर्जन महिला अधिकारियों के निरीक्षण से कस्तूरबा विद्यालय में गड़बड़ी की आशंका खत्म हो जाएगी। इसके पहले डीएम ने वहां सुरक्षा के दृष्टिकोण से सीसीटीवी कैमरे लगवाने के साथ दो महिला होमगार्ड तैनात करने का निर्देश जारी कर चुके हैं।