अमर उजाला ब्यूरो
उन्नाव। विधायक कुलदीप सेंगर प्रकरण की जांच कर रही सीबीआई ने दिल्ली से लौटे किशोरी के चाचा और उनके वकील को लखनऊ बुलाकर किशोरी से दुष्कर्म और उसके पिता की हत्या से संबंधित बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी ली।
चाचा ने जून 2017 में अपनी उस गाड़ी का जीपीएस डाटा भी दिया है जिससे पुलिस पीड़िता की तलाश में कानपुर देहात व औरैया गई थी। पीड़िता के वकील से सीबीआई ने जानकारी ली कि किशोरी के पिता की पिटाई के बाद कौन-कौन से अधिकारियों को प्रार्थनापत्र दिया और उसमें क्या शिकायत की थी।
भाजपा विधायक पर लगे किशोरी से दुष्कर्म और उसके पिता की हत्या के आरोपों की जांच कर रही सीबीआई ने चार दिन बाद दिल्ली से लौटे किशोरी के चाचा और उनके वकील को लखनऊ में कई बिंदुओं पर अलग-अलग करीब छह घंटे पूछताछ की। किशोरी के चाचा (मृतक के भाई) से सीबीआई ने यह जानकारी भी ली है कि पेशी के लिए दिल्ली से आए किशोरी के पिता के गांव जाने की पीछे बीमार मां को जो दवा देने की बात बताई गई है वह दवा कौन सी थी उसका पर्चा आदि की जानकारी ली।
किशोरी के चाचा ने 2017 में किशोरी को औरैया से खोजकर लाने के साक्ष्य के तौर पर अपनी उस गाड़ी का जीपीएस डाटा दिया है जिस गाड़ी से पुलिस टीम किशोरी की खोजने निकली थी और औरैया से किशोरी को साथ में लेकर थाने आई थी। इसी गाड़ी में वह दरोगा केपी सिंह भी मौजूद था जिसे सीबीआई ने गिरफ्तार कर जेल भेजा है।
- किशोरी से दुष्कर्म और उसके पिता की हत्या के बिंदुओं पर ली अलग-अलग जानकारी
- विधायक पक्ष के कई और लोग सीबीआई के रडार पर, बढ़ेंगी मुश्किलें