कानपुर देहात। जनपद में बीते अप्रैल में आंधी व बेमौसम बारिश से फसलाें के नुकसान पर फसल बीमा कराने वाले 165 किसानों का व्यक्तिगत बीमा दावा मंजूर हुआ। बीमा कंपनी ने 38.55 लाख क्षतिपूर्ति दी है।
फसल बीमा अब स्वैच्छिक है। रबी सीजन में जिले के 28, 266 किसानों ने फसल बीमा कराया। बीते अप्रैल में आंधी व बेमौसम बारिश में अकबरपुर, सरवनखेड़ा, राजपुर, सिकंदरा, संदलपुर, झींझक, भोगनीपुर आदि जगह रबी फसलों को नुकसान हुआ था। अधिकांश गांवों में 33 फीसदी से कम फसल नुकसान होने की वजह से शासन से मदद नहीं मिल सकी जबकि फसल का बीमा कराने वाले किसानों को फसल की क्षतिपूर्ति की प्रक्रिया की गई।
आंधी-बारिश में गेहूं व जौ की फसल भी खेत में गिर गई तो दाना खराब हो गया। फसल बीमा वाले किसानों ने व्यक्तिगत दावा किया। इसमें 165 किसानों के दावे जांच के बाद स्वीकृत किए। फसलें बर्बाद होने पर बीमा कंपनी एचडीएफसी एर्गो ने इन किसानों को 38.55 लाख रुपये क्षतिपूर्ति दी है। उप निदेशक कृषि हरीशंकर भार्गव ने बताया कि फसल बीमा किसानों के लिए जरूरी है। आपदा राहत से फसल नुकसान 33 फीसदी या इससे अधिक होने पर ही मदद का प्रावधान है जबकि फसल बीमा होने पर नुकसान पर बीमा कंपनी नुकसान भरपाई करती है। रबी सीजन में बेमौसम आंधी बारिश में हुई फसलों के नुकसान पर क्षतिपूर्ति किसानों को दी गई है।