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सगी बहनों की पढ़ाई में अब आड़े नहीं आएगी गरीबी-उन्नाव

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पुरवा (उन्नाव)।
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दूसरे के घरों में चौका-बर्तन और मजदूरी करके बेटियों को पढ़ा रहे दंपति आखिर गरीबी के बेबसी के आगे डगमगा ही गए। गरीबी ने बेबस किया तो ग्यारहवीं और इंटर की पढ़ाई कर रही दो बेटियों की पढ़ाई में तंगहाली ने ऐसा रोड़ा अटकाया कि पिता रामू और मां मधू बेटियों की फीस तो दूर किताबें तक नहीं ला पाए।

बेटियों के सपने को पूरा करने की उम्मीद लेकर रामू और मधू ने एसडीएम से गुहार लगाई। बच्चियों में पढ़ाई का जज्बा देख एसडीएम ने हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। उन्होंने स्कूल के प्रिंसिपल से बात की तो बेटियों के सपने को पंख लग गए। प्रिंसिपल ने दोनों बहनों की फीस माफ करने के साथ ही किताबें उपलब्ध कराने का जिम्मा उठाया है।
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पुरवा कस्बे के मोहल्ला दली गढ़ी निवासी रामू कुम्हार के परिवार में पत्नी मधू के अलावा तीन बेटियां व दो बेटे हैं। रामू के पास न तो एक बिशुवा भूमि है न ही रहने को पक्का घर नसीब है। रामू पत्नी के साथ दूसरे घरों में चौका बर्तन कर परिवार का पालन पोषण कर रहा है। रामू की दोनों पढ़ाई में काफी होनहार है।

जो कस्बे के एमआरआरएस इंटर कालेज में इंटरमीडिएट की पढ़ाई कर रही हैं। पांच भाई बहनों में सबसे बड़ी बेटी कुमकुम एक मेधावी स्कालर है। संसाधनों के अभाव में पली बढ़ी कुमकुम में मेधा की कमी नहीं है। सन् 2015 की हाईस्कूल परीक्षा 64 फीसदी अंकों के साथ पास कर प्रतिभा का परिचय दे चुकी है।

वहीं दूसरे नंबर की बेटी गोल्डी इस बार हाईस्कूल की परीक्षा में भागीदारी करेगी। मौजूदा समय में परिवार की बिगड़ी आर्थिक स्थित से बेटियों की फीस के लाले पड़ गए। पिता ने बेटियों की पढ़ाई में मदद की आस की गुहार एसडीएम पूजा अग्निहोत्री से लगाई। महिला अधिकारी ने एक मदद की मिशाल पेश करते हुए कालेज प्रिंसिपल यादुवेंद्र यादव को बुलवाकर बेटियों को निशुल्क पढ़ाई व्यवस्था कराने को जागरूक किया।

वहीं खुद भी हर संभव मदद का भरोसे का आश्वासन दिया। एसडीएम की पहल पर प्रिंसिपल ने इंटर की छात्रा कुमकुम के अलावा उसकी बहन गोल्डी को फीस माफी के साथ ही पाठ्य समाग्री उपलब्ध कराने का जिम्मा उठाया है। एसडीएम व प्रिंसिपल की संयुक्त पहल से एक पिता के सपनों को पंख लगे हैं तो बेटियों में समाज के प्रति लगाव बढ़ा है।
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शिक्षा समाज के हर व्यक्ति का अधिकार, एसडीएम: जो बच्चे पढ़ना चाहते हैं और किसी भी रूप में पढ़ाई में दिक्कत आ रही है तो उसको दूर दिया जाएगा। किसी को शिक्षा से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। समाज के हर व्यक्ति को शिक्षा के प्रति जागरूक होना चाहिए। कालेज प्रबंधकों को इस मुहिम में खास भूमिका अदा करनी चाहिए। प्रबंधकों की सजगता से समाज को एक नई दिशा मिलना तय है। एमआरआरएस पुरवा के प्रिंसिपल यादुवेंद्र यादव का प्रयास सराहनीय कदम स्वागत योग्य है। - पूजा अग्निहोत्री एसडीएम पुरवा


-एसडीएम की पहल पर प्रिंसिपल ने लिया बहनों की पढ़ाई का जिम्मा
-गरीबी से जूझ रहे पिता ने एसडीएम से बेटियों की पढ़ाई की लगाई गुहार
अमर उजाला ब्यूरो
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