अमर उजाला ब्यूरो
बकेवर। थाना क्षेत्र के कुशगवां अहिरान गांव में मेट के अपहरण के प्रयास में मुख्य आरोपी उदयवीर बाबा की तलाश में आसपास के जिले में भी छापेमारी का दावा किया जा रहा है। लेकिन सच्चाई यह है कि कुछ दिन पहले हिस्ट्रीशीटर उदयवीर बाबा पुलिस की लापरवाही की वजह से ही जेल से छूटा था। अब पुलिस उसे दोबारा पकड़ने के लिए हाथ पांव मार रही है।
बकेवर थाना क्षेत्र के ग्राम नगला बसी का रहने वाला उदयवीर यादव उर्फ बाबा बकेवर थाना का हिस्ट्रीशीटर है। उसके ऊपर इटावा, औरैया, कानपुर देहात, कानपुर नगर, मैनपुरी में लूट हत्या डकैती पुलिस मुठभेड़ जानलेवा हमले के 31 मामले दर्ज हैं। उदयवीर बाबा को क्राइम ब्रांच की टीम के दो पुलिसकर्मियों ने नवंबर 2015 में पकड़ा था। उस समय वह प्रधानी चुनाव के लिए एक प्रत्याशी के समर्थन के ग्राम पंचायत के लोगों के साथ बैठक कर रहा था। गिरफ्तारी के बाद उसे पहले इटावा और फिर कानपुर जेल रखा गया। उदयवीर बाबा ने पहले इटावा में दर्ज मुकदमों में अपनी जमानत कराई। इसके बाद उसे कानपुर जेल भेज दिया गया, जहां से वह 6 जनवरी 2017 को जमानत पर रिहा हुआ। रिहा होते वक्त इटावा पुलिस को भनक तक नहीं लगी। करीब माहभर बाद इटावा में ताबड़तोड़ वारदातों हुई तो पुलिस की आंख खुली। इस दौरान पता च ला कि उदयवीर बाहर है। इसके बाद उसका नाम कुशगवां अहिरान गांव में मेट के अपहरण के प्रयास में सामने आया।
सीओ भरथना शिवराज का कहना है कि उसके ऊपर अन्य जनपदों में भी मामले हैं। कानपुर न्यायालय में भी मामला चल रहा था। वह इटावा जेल से 6 जनवरी को कानपुर स्थानांतरित हो गया था। उसी दिन वो जेल से रिहा हो गया। इटावा जेल से कानपुर जेल कैसे स्थानांतरित हुआ, इसकी उनको कोई जानकारी नहीं है। वे इस मामले की भी जानकारी कर रहे हैं।
- मेट अपहरण मामले में मुख्य आरोपी है उदयवीर
- इटावा में घिरा तो कानपुर से करा ली जमानत
- उदयवीर बाबा के खिलाफ दर्ज हैं 31 गंभीर मामले