लॉकडाउन की समय सीमा तीन मई तक बढ़ जाने के बाद ऑनलाइन बुक हुए टिकट रद्द हो गए है, जिनका फुल रिफंड यात्रियों के खाते में हो जाएगा। आईआरसीटीसी के एप और वेबसाइट से 15 अप्रैल को अलग-अलग ट्रेनों में कानपुर से करीब 16 हजार टिकट बुक थे।
दिल्ली जाने वाली श्रमशक्ति एक्सप्रेस और रिवर्स शताब्दी की सीटें तो पूरी फुल थीं। मुंबई से कानपुर और लखनऊ जाने वाली ट्रेनों की सीटें भी 15 को फुल थीं, ये सभी टिकट ऑनलाइन बुक हुए थे, क्योंकि रेलवे ने अपने रिजर्वेशन काउंटर लॉकडाउन में बंद किए हैं।
चार मई या उससे आगे के लिए जारी रहेंगे ऑनलाइन रिजर्वेशन
तीन मई तक यात्री ट्रेनों का संचालन बंद किया गया है। इसलिए चार मई से सभी ट्रेनों के अपने शेड्यूल से चलने की उम्मीद के साथ ही ऑनलाइन टिकटों की बुकिंग जारी रहेगी। आईआरसीटीसी की वेबसाइट और एप से टिकटों की बुकिंग होगी।
15 अप्रैल से तीन मई के बीच जिन ट्रेनों में लोगों ने ऑनलाइन टिकट बुक किए थे, उनका फुल रिफंड स्वत: ही बैंक खाते में पहुंच जाएगा। तीन मई तक लॉकडाउन के दौरान रिजर्वेशन काउंटर, जनरल टिकट घर बंद रहेंगे, जबकि पार्सल घर खुले रहेंगे। क्योंकि रेलवे ने स्पेशल पार्सल ट्रेनों का संचालन शुरू कर दिया है। इसलिए आवश्यक वस्तुओं की बुकिंग के लिए पार्सल ऑफिस खुले रहेंगे।
तीन मई तक रेलवे नहीं लेगा ये शुल्क
22 मार्च से तीन मई तक की अवधि को रेलवे ने प्राकृतिक आपदा मानते हुए लॉजिस्टिक में लगने वाले शुल्क को माफ कर दिया है। मालगाड़ियों से समय से माल उतारने और लादने की वजह से होने वाली देरी के तहत लगने वाले जुर्माने से ठेकेदारों और ट्रांसपोर्टरों को मिली राहत जारी रहेगी।
इसके तहत डेमरेज, वारफेज, स्टैकिंग, पार्सल यातायात पर डेमरेज और वारफेज, कंटेनर ट्रैफिक के मामले में डिटेंशन चार्ज और कंटेनर यातायात के मामले में ग्राउंड यूसेज चार्ज इसी श्रेणी में आते हैं, जिन्हें माफ कर दिया गया है।