कानपुर देहात। जिले के एक शहरी व 29 ग्रामीण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। यह पहुंचे 2745 मरीजों का चिकित्सकों ने इलाज किया। इनमें 159 मरीज वायरल बुखार से पीड़ित मिले। जिनका उपचार कर दवाएं दी गईं। जबकि 82 मरीजों की मलेरिया व डेंगू होने की आशंका में जांच की गई। रिपोर्ट में कोई भी इनसे ग्रसित नहीं पाया गया है।
मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में त्वचा, पेट के रोगियों के अलावा वायरल बुखार व सर्दी-खांसी के रोगियों की संख्या अधिक रही। इनमें 499 बच्चे भी शामिल रहे। इसके अलावा 154 मरीज सर्दी जुकाम, 189 मरीज पेट दर्द व 320 मरीज त्वचा रोग से ग्रसित मिले। जबकि 97 में एनिमिया, 91 मरीजों में मधुमेह और 64 को उच्च रक्तचाप की समस्या पाए जाने पर उपचार किया गया।
वहीं सात को संभावित क्षय रोग मरीज के रूप में चिह्नित किया गया। चिकित्सकों ने दवा देने के साथ रोगियों को बचाव का सुझाव दिया। राजपुर पीएचसी में पहुंचीं खासबरा की सरला देवी ने चिकित्सक को बताया कि दो दिनों से जुकाम व खांसी के साथ सांस लेने में समस्या हो रही है। वहीं रसूलपुर के कालका प्रसाद ने बताया कि सर्दी से सांस की समस्या बढ़ गई है। जबकि भाल की रहने वाली शांति देवी ने बताया कि पांच वर्षीय बेटी रोली के गले में जकड़न व बुखार की समस्या है। मेले में 91 मरीजों का उपचार किया गया।
सर्वाधिक 35 मरीज सर्दी, जुकाम व खांसी से संबंधित रहे। डॉ. प्रियांक तिवारी ने बताया कि आरोग्य मेले में सर्दी, जुकाम व वायरल बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या अधिक थी। वहीं डॉ. सलिल सचान ने कहा कि मौसम में हो रहे बदलाव से यह दिक्कत देखने को मिल रही है। मरीजों को सलाह देते हुए कहा कि बदलते मौसम में खास कर श्वांस, हृदय व रक्तचाप के रोगियों को अपने स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।