कानपुर देहात। अकबरपुर के नर्सिंग होम में जच्चा-बच्चा की मौत की घटना पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने सीएमओ को टीम गठित कर दस दिनों के अंदर बिना पंजीयन के चलने वाले अस्पतालों की जांच कराने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उनकी रिपोर्ट तलब की है।
माती मुख्यालय के आसपास बिना पंजीकरण कराए नर्सिंग होम संचालित हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी नहीं हो रही है। इस पर सवालिया निशान लग रहे हैं। शुक्रवार को अकबरपुर कोतवाली के पास संचालित नर्सिंग होम में जच्चा-बच्चा की मौत के बाद एक बार फिर बिना पंजीकरण के नर्सिंग होम संचालित होने का मामला सामने आया। इसके पहले भी इसी भवन पर अंजली हॉस्पिटल के नाम से नर्सिंग होम संचालित किया गया था। जिसमें करीब एक वर्ष पूर्व जच्चा-बच्चा की मौत हो गई थी तब भवन को एसडीएम आनंद कुमार सिंह ने सील कर दिया था। इसके बाद भवन का ताला तोड़कर नाम बदल कर नर्सिंग होम का संचालन किया गया जिसमें फिर जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। वहीं, इसके पहले माती रोड में बिना पंजीकरण के संचालित दो नर्सिंग होम में प्रसूताओं की मौत के बाद बवाल हुआ था जिस पर दोनों अस्पतालों को सीज कर दिया गया था। शुक्रवार को जच्चा बच्चा की मौत के घटना पर डीएम राकेश कुमार सिंह ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने सीएमओ हीरा सिंह को कमेटी गठित कर बिना पंजीकरण कराए नर्सिंग होम चलने की जांच कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इसकी दस दिनों के अंदर रिपोर्ट तलब की है।
सीएमओ, डॉ. हीरा सिंह ने कहा कि बिना पंजीयन के चलने वाले नर्सिंग होम की जांच के लिए टीम गठित की जा रही है वहीं आशाओं की भूमिका की जांच कराई जाएगी। अगर कोई आशा की नर्सिंग होम संचालक से सांठगांठ की बात सामने आई तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी