कानपुर देहात। जिला अस्पताल में डाक्टरों की लापरवाही पर लगाम नहीं लग पा रही है। सोमवार को ओपीडी में मरीजों की भीड़ डाक्टरों का इंतजार करती रही जबकि डाक्टर सीट में मौजूद नहीं मिले। किसी मरीज ने इसकी सूचना डीएम को दी। इस पर डीएम ने एसडीएम अकबरपुर आनंद कुमार सिंह को मौके पर भेजा। एसडीएम को अस्पताल में मरीजों की भारी भीड़ मिली। कई डाक्टर सीट पर नहीं थे। उन्होंने सीएमएस रमेश बाबू को बुलाकर इमरजेंसी कक्ष के बाहर ड्यूटी पर रहने वाले सभी डाक्टरों को तलब किया। डाक्टरों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने ड्यूटी में लापरवाही करने पर एफआईआर कराकर जेल भेजने की चेतावनी दी। इसके बाद डाक्टरों ने मरीज देखना शुरू किया। तीन मई को एसडीएम के निरीक्षण में चार डाक्टर अनुपस्थित मिले थे। उनका वेतन रोकने की कार्रवाई की गई थी।
गर्मी के चलते हीट स्टोक, डायरिया, मलेरिया, वायरल फीवर के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है, जिससे जिला अस्पताल में प्रतिदिन करीब आठ सौ से एक हजार मरीज पर्चा बनवा रहे हैं। सोमवार को भी अस्पताल में मरीजों की भारी भीड़ थी। सुबह 8 बजे से ओपीडी का समय है लेकिन दस बजे तक अधिकांश डाक्टर सीट पर नहीं पहुंचे। मरीज पर्चा बनवाकर डाक्टरों के कक्ष के सामने बैठकर इंतजार करने लगे। विद्युत आपूर्ति बाधित रहने के बावजूद जिला अस्पताल में जनरेटर नहीं चलाया गया, जिससे वहां डाक्टरों का इंतजार करने वाले मरीज गर्मी से बिलबिला उठे। किसी मरीज ने डीएम राकेश कुमार सिंह को फोन कर पूरी जानकारी दी।
खुद स्ट्रेचर खींचने को मजबूर तीमारदार
जिला अस्पताल में डाक्टर ही नहीं वहां के वार्ड ब्वाय व चतुर्थ श्रेणी कर्मी भी मनमानी करने में पीछे नहीं है। डाक्टर समय से नहीं उपस्थित होते हैं तो उनके सहयोगी भी नदारद रहते हैं। जिला अस्पताल परिसर से इमरजेंसी वार्ड तक मरीजों को तीमारदार गोद में उठाकर ले जाते दिखाई देते हैं। इसके बाद भी वार्ड ब्वाय व अन्य कर्मियों को अपनी जिम्मेदारी का एहसास नहीं होता है। इसके बाद इमरजेंसी में उपचार होने के बाद स्ट्रेचर पर रखकर वार्ड तक तीमारदारों को ही ले जाना पड़ता है। यह सीन यहां रोज देखने को मिलते हैं। जिम्मेदार इसकी अनदेखी करते हैं।
फोटो संख्या-13 एकेबीपी-5 सुशील
फोटो संख्या-13 एकेबीपी- 6 कमल सिंह
फोटो संख्या-13 एकेबीपी- 7 हिमांशु
फोटो संख्या-13 एकेबीपी-8 शानू
एसडीएम के सामने छलका मरीजों का दर्द
कानपुर देहात। करसा गांव के सुशील कुमार ने बताया कि उसे रीड़ की हड्डी में दर्द की समस्या है वह सुबह जल्दी आकर पर्चा बनवाने के बाद हड्डी रोग विशेषज्ञ को दिखाने के लिए उनके कक्ष के बाहर पहुंचे तो सीट खाली मिली। करीब दो घंटे इंतजार करने के बाद भी वहीं नहीं आए। सहबाजपुर के कमल सिंह ने बताया कि उनका पैर टूट गया है, वह भी डाक्टर के इंतजार में सुबह से बैठे हैं। उन्होंने कहा कि यहां एक्सरे भी नहीं होता है इसके बाहर प्राइवेट एक्सरे सेंटर जाना पड़ता है। मुंगीसापुर के हिमांशु के बताया कि उसके दोनोें हाथ टूट गए हैं, वह एक दिन पहले आया था तो एक्सरे के लिए भेजा गया, जब तक बाहर से एक्सरे कराकर आया, ओपीडी का टाइम खत्म होने पर डाक्टर चले गए। सोमवार को आया तो डाक्टर सीट पर नहीं मिले। महादेव कुटी की रमाकांती ने बताया कि उसके बेटे शानू का हाथ टूट गया है डाक्टर के इंतजार में सुबह नौ बजे से बैठी है।
फोटो संख्या-13 एकेबीपी-1 जिला अस्पताल में निरीक्षण के दौरान डाक्टरों को चेतावनी देते एसडीएम
फोटो संख्या-13 एकेबीपी-2 व 3 जिला अस्पताल में कक्ष के बाहर डाक्टर के इंतजार में बैठे मरीज
फोटो संख्या-13 एकेबीपी-4 स्टेचर पर मरीज ले जाता तीमारदार
ओपीडी से नदारद डाक्टरों को जेल भेजने की चेतावनी
मरीज की डीएम से शिकायत पर मौके पर पहुंचे एसडीएम
मरीज की लगी लाइन पर कक्ष में डाक्टर नहीं मिले
जिला अस्पताल में डाक्टरों की मनमानी से मरीज बेहाल
3 मई को एसडीएम के निरीक्षण में नदारद मिले थे चार डाक्टर