कानपुर देहात। पांडु नदी के पुनरुद्धार के लिए गुरुवार को सीडीओ ने विकास भवन में बैठक कर कार्ययोजना की समीक्षा की। नदी के रेंज में आने वाले तालाबों को कब्जा मुक्त कराकर उनका सुंदरीकरण कराया जाएगा, जिसमें चिन्हित किए गए 67 तालाबों में अवैध कब्जा पाया गया है। सीडीओ ने बीडीओ को वहां से कब्जा हटवा कर मनरेगा के तहत कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए हैं।
नदियों के पुनरुद्धार के लिए प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। सबसे पहले पांडु नदी का चयन किया गया है। यह नदी रसूलाबाद व मैथा ब्लाक से होकर निकलती है। नदी से संबंधित रसूलाबाद ब्लाक की दस ग्राम पंचायतें शामिल हैं। इन ग्राम पंचायतों के 38 तालाबों को नदियों से जोड़ा जाएगा। इसके लिए तालाबों को कब्जामुक्त कराकर उनमें खुदाई कराई जाएगी। नदी और तालाबों को जोड़ने वाले 33 नालों को पक्का कराया जाएगा। इसी तरह से मैथा ब्लाक के 11 ग्राम पंचायतों में नदी से जोड़ने के लिए 29 तालाबों पर काम होना है। वहीं नदी से तालाब को जोड़ने वाले 24 नालों की खुदाई के साथ उन्हें पक्का कराने का काम कराया जाएगा। सीडीओ ने तालाबों का सुंदरीकरण कराकर उनके आसपास पौधरोपण कराने के निर्देश दिए हैं। सीडीओ ने मनरेगा के तहत कार्य तालाबों में खुदाई कराने का निर्देश दिया है। वहीं बीडीओ ने 67 तालाबों में अवैध कब्जा होने की सूची सीडीओ को सौंपी जिन्हें कब्जामुक्त कराने के लिए संबंधित एसडीएम को सूची भेजी जाएगी। सीडीओ ने कहा कि मनरेगा के योजना के तहत यह कार्य किया जाना है जिसकी ड्रोन के माध्यम से वीडियोग्राफी कराई जाएगी। बैठक में पीडी एसके पांडेय, बीडीओ व एडीओ मौजूद रहे।