अमर उजाला ब्यूरो
कानपुर देहात। अंग्रेजी माध्यम के प्राथमिक स्कूलों के बच्चे बिना अंग्रेजी की पढ़ाई किए ही वार्षिक परीक्षा देंगे। शिक्षण सत्र बीत रहा है लेकिन अभी तक मॉडल स्कूलों में अंग्रेजी विषय के शिक्षकों की तैनाती नहीं हो पाई है। 250 अंग्रेजी शिक्षकों की तैनाती के लिए विभाग ने कई बार आवेदन मांगे लेकिन शिक्षकों ने फार्म ही नहीं भरे।
परिषदीय प्राथमिक स्कूलों के बच्चों को अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा देने के उद्देश्य से शासन ने सत्र 2018-19 में सरवनखेड़ा, मैथा, अकबरपुर, मलासा, राजपुर, अमरौधा, डेरापुर, झींझक, संदलपुर व रसूलाबाद समेत सभी दस ब्लाकों में 100 से अधिक छात्र संख्या वाले 50 प्राथमिक स्कूलों को मॉडल बनाया गया। भवन की रंगाई पुताई और पेंटिंग कराई गई। इन स्कूलों में प्रधानाध्यापक समेत पांच अंग्रेजी शिक्षकों की नियुक्ति होनी थी।
इसके लिए विभाग ने कई बार आवेदन मांगे थे। इसमें केवल 68 शिक्षकों ने आवेदन किया। परीक्षा में सहायक अध्यापक के लिए 13 व प्रधानाध्यापक पद के लिए 17 शिक्षक पास हुए। कुल तैनाती 250 होनी हैं। अन्य पदों पर तैनाती के लिए कई बार आवेदन मांगे गए लेकिन शिक्षकों ने रुचि नहीं ली। पूरा सत्र बीत गया विभाग को मॉडल स्कूलों के लिए शिक्षक हीं नहीं मिले। दरअसल ब्लाक बदलने की गुंजाइश न होने के कारण शिक्षक रूचि नहीं ले रहे हैं।
कुछ शिक्षकों ने बताया कि मॉडल स्कूलों में तैनाती होने से बच्चों को बेहतर तरीके से शिक्षित करने का टेंशन बढ़ जाएगा और सुविधा के नाम पर विभाग से कुछ नहीं मिलना है। बीएसए संगीता सिंह ने कहा कि मॉडल स्कलों के लिए शिक्षक नहीं मिल रहे थे जिससे शिक्षकों को संबद्ध करके पढ़ाई कराई गई है अब फिर नए सिरे से आवेदन लेकर परीक्षा कराई जाएगी और शिक्षकों का चयन किया जाएगा।
बिना पढ़े परीक्षा देंगे मॉडल स्कूलों के बच्चे
सत्र बीतने के बावजूद नहीं हुई अंग्रेजी शिक्षकों की तैनाती
क्रासर
जनपद में शुरू किए गए हैं 50 मॉडल स्कूल