पुखरायां। निरंकारी सत्संग हमें प्रेम, एकता, मानवता व भाईचारे की सीख देता है। यह बात महात्मा रामप्रकाश गुप्ता ने बुधेड़ा गांव में आयोजित सत्संग में कही।
उन्होंने कहा कि निराकार की पहचान करके भक्ति करने से उसका फल प्राप्त होता है। निराकार को अंग संग मानकर रहना चाहिए। कहा कि निरंकारी सत्संग हमें एक दूसरे का सम्मान व आदर करने की सीख देता है। महात्मा जगन्नाथ ने कहा कि हमें ज्ञान को अपने कर्म में लाने की जरूरत है।
कहा कि प्रभु की जिस पर कृपा हो जाती है उसे तन, मन, धन तीनों प्रकार की खुशियां प्राप्त हो जाती है। बेबी, अशोक, छोटेलाल, कमला, सुरेश पाल, कैलाश चंद्र, रामबाबू पाल, भारतसिंह यादव, अमन, रमाशंकर पांडेय, वंदना, गुडडन, ममता, चेतनदास, कृष्णा और संतोष गुप्ता आदि मौजूद रहे।
‘सत्संग प्रेम और भाईचारे की सीख देता है’
फोटो 05 पीयूकेपी 4: बुधेड़ा गांव में हुए सत्संग में मौजूद ग्रामीण।