अमर उजाला ब्यूरो
पुखरायां। निराकार की प्राप्ति हो जाने पर आत्मा का परमात्मा से मिलन हो जाता है। यह बात संत निरंकारी मिशन के महात्मा रणबीरसिंह ने कही। सोमवार को वह पुखरायां में आयोजित निरंकारी सत्संग में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि जीव के सामने निराकार सकार रूप में खड़ा हो तो उनके सानिध्य का जीवन पर असर पड़ता है। निराकार ही परमात्मा है। कहा कि निरंकारी मिशन 73 देशों में मानवता का संदेश दे रहा था। प्रेम, नम्रता, एकता व सहनशीलता मित्रवर्तन की सीख दी जा रही है। जिससे समाज में भाईचारा मजबूत हो।
ईश्वर, परमात्मा निराकार को देख व जानकर भक्ति करना ही सार्थक है। उन्होंने कहा कि सदगुरुओं ने भी प्रेम का संदेश दिया है। निराकार की प्राप्ति हो जाने पर आत्मा का परमात्मा से मिलन हो जाता है। वहीं बहिन बेबी ने कहा आज का इंसान मानवीय मूल्यों को भुला रह इंसानियत से दूर हो जाता जा रहा है। वंदना, ममता, चेतनदास, विक्रमसिंह, रमाकांत, संतोष गुप्ता प्रतीक, ओमशंकर, प्रीति, गुडडन, राधा, उमा, भूपसिंह मौजूद रहे।
निराकार की प्राप्ति होने पर परमात्मा से मिलन हो जाता है: रणबीर
पुखरायां में हुआ निरंकारी सत्संग
फोटो: सत्संग में मौजूद भक्त- 18 पीयूकेपी 3