डेरापुर। रैगवा गांव में रविवार को गांव के युवाओं में पाकिस्तान व आतंकवाद के विरोध में आक्रोश नजर आया। अधिकांश युवा देश के लिए कुछ भी कर गुजरने के लिए तैयार दिखे।
युवा अंकित पाल पुत्र दर्शन लाल ने इच्छा जताई कि उसे आतंकवादी हमले में श्याम बाबू सहित शहीद हुए अन्य सैनिकों का बदला लेने व देश की सुरक्षा के लिए सीमा में भेज दिया जाए तो वह खून का बदला खून से लेकर ही रहेगा। उससे जब माता पिता परिवार के बारे में बात की तो उसने सख्त लहजे में कहा कि देश से बढ़कर कुछ नही है। वही अंकित पाल दुर्गा कक्षा 11 का छात्र है वह सेना में भर्ती की तैयारी कर रहा है। उसका कहना है कि आतंकवादी हमला एक कायराना घृणित कार्य है। श्यामबाबू की शहादत के बाद उसने किसी दूसरी दिशा में कोई कार्य करने की मंशा त्याग दी है। वह आर्मी में भर्ती होकर आतंकवादियों व उनको संरक्षण देने वाले पडोसी देश पाकिस्तान से बदला लेना चाहता है। वही कमलेश पुत्र शिवराम डेढ वर्ष पूर्व सेना में भर्ती हुआ था।
घटना के दिन 12 बजे उसकी श्यामबाबू से फोन पर बात हुई थी। श्याम बाबू ने उसे बताया कि वह साथियो के साथ कानवाई पर जा रहा है। जब चार बजे उसने श्यामबाबू को फोन लगाया तो बात नही हो सकी तभी उसके पडोसी गांव बिसोहा निवासी गजेंद्र ने बताया कि श्यामबाबू की टीम पर आतंकवादियों ने हमला कर दिया। घटना की पुष्टि के बाद सभी सैनिक सिर्फ बदला लेने के लिए तैयार हैं। वह अवकाश पर घर आया है। उसके अंदर पाकिस्तान से बदला लेने की आग धधक रही है। वही युवा सूरज पाल ने भी सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करने तथा उनसे बदला लेने का संकल्प लिया है। गांव के युवाओं में कुछ कर गुजरने का जज्बा नजर आया।
युवाओं में पड़ोसी देश के प्रति दिखी बदले की आग
फोटो संख्या 17एकेबीपी37- अंकित दुर्गा।
फोटो संख्या 17एकेबीपी38- अंकित पाल।