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शहीद स्थल में पुष्प अर्पित कर याद किया गया बेहमई कांड

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अमर उजाला ब्यूरो
राजपुर। बेहमई गांव में गुरुवार को शहीद स्मारक स्थल पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम हुआ। 14 फ रवरी 1981 को दस्यु सुंदरी फू लन देवी ने अपने गिरोह के साथ मिलकर यहां के 20 लोगों को लाइन में खड़ा करके गोलियों से मौत के घाट उतार दिया था। नरसंहार में मारे गए बेकसूरों के परिजनों ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।

यमुना के किनारे बसे बीहड़ पट्टी के गांव बेहमई में पूर्व दस्यु सुंदरी फू लन देवी ने अपने गिरोह के 14 फरवरी 1981 को धावा बोलकर गांव में कहर बरपा दिया था। गांव की घेरांबदी की इसके बाद 20 लोगों को पकड़ कर एक साथ गोली मार दी थी। हत्याकांड के 38 वर्ष के बावजूद अब तक न्याय न मिलने पर परिजनों में असंतोष है। नरसंहार कांड के चश्मदीद गवाह राजाराम सिंह ने बताया कि हत्या कांड में बेकसूर लोग मारे गए थे। उनके याद में शहीद स्मारक बनवाया गया।
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गुरुवार को शहीद स्थल में ग्रामीणों ने हवन पूजन कर दो मिनट का मौन रखा। ग्रामीणों ने न्याय न मिलने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। घटना के वादी राजाराम सिंह, प्रधान जयवीर सिंह, अर्जुन सिंह, शिवपाल सिंह, नरेश सिंह ने बताया कि इंसाफ मिलने की आस में विधवाओं व परिजनों की आंखे पथरा गई है। हत्याकांड में मारे गए बनवारी सिंह व हिम्मत सिंह की पत्नी संतोषी देवी, रामरती ने बताया कि घटना के बाद से अब तब गांव आए जनप्रतिनिधियों ने सैकड़ों वादे विकास के लिए किए, लेकिन कोई काम नहीं हुआ।
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वर्ष 2005 से उनकी विधवा पेंशन भी बंद हो गई। श्रद्धांजलि सभा में पहुंचे अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा युवा के प्रदेश महामंत्री विनोद प्रताप सिंह बाली ने पीड़ित ने सीएम से मिलकर इस प्रकरण में न्याय के लिए प्रयास किया जाएगा। प्रधान जयवीर सिंह, पूर्व प्रधान गांधी सिंह, नरेश सिंह, कल्लू सिंह, शिवपाल सिंह आदि मौजूद रहे।



शहीद स्थल में पुष्प अर्पित कर याद किया गया बेहमई कांड
38 साल बाद भी न्याय न मिलने से परिजनों में असंतोष
फोटो संख्या 14एकेबीपी11-शहीद स्मारक पर श्रद्धा सुमन अर्पित करते ग्रामीण्
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