अमर उजाला ब्यूरो
कानपुर देहात /झींझक। पिछले सप्ताह बारिश के बाद शनिवार रात मौसम ने फिर करवट बदली। देर रात घना कोहरा छा गया और गलन भी बढ़ गई। कोहरे के कारण सुबह सड़कों पर वाहन रेंगते हुए चले। ट्रेनें भी कई-कई घंटे देरी से चलीं। सुबह सड़कों और बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। लोग अलाप तापते देखे गए।
दिल्ली हावड़ा रूट की ज्यादातर ट्रेन विलंब से चलीं। झींझक स्टेशन पर ठहराव वाली डाउन लाइन की शिकोहाबाद कानपुर मेमो 1:30 घंटे, टूंडला कानपुर फफूंद मेमो 30 मिनट, कानपुर मेमो 2 घंटे देरी से चली। इसी तरह मुरी एक्सप्रेस 3 घंटे, महानंदा एक्सप्रेस एक घंटे, अप लाइन की कानपुर टूंडला मेमों एक घंटे, मुरी एक्सप्रेस करीब 6 घंटे और महानंदा एक्सप्रेस अनिश्चित कालीन देरी से चली। ट्रेनें देरी से चलने के कारण यात्री स्टेशन ठिठुरते रहे। मंगलपुर के विनोद, परजनी के योगेंद्र, जुरिया के सोनू, लालजी पुरवा के राजेश आदि ने बताया कि इटावा जाना था लेकिन ट्रेन लेट होने से वापस घर जा रहे हैं। स्टेशन मास्टर झींझक रवि वर्मा ने बताया की कोहरे के कारण फाग सिग्नल चालू हैं। ट्रेनों को धीमी गति से गुजारा जा रहा है। सड़क यातायात पर भी कोहरे का असर पड़ा। कोहरे के कारण सुबह 9 बजे तक वाहन रेंगते हुए चले। कानपुर औरैया व कानपुर झांसी हाईवे पर भी यही स्थिति रही।
भोगनीपुर तहसील क्षेत्र के मूसानगर, देवराहट, भोगनीपुर, अमरौधा, चौरा, शाहजहांपुर, बरौर, डीघ, छतेनी, हांसेमऊ, शेरपुर, मलासा, मीनापुर में सुबह 11 बजे तक कोहरा छाया रहा। इससे गांवों व कस्बों में लोग अलाव जलाकर तापते रहे। मार्निंग वाक करने भी लोग देरी से निकले। झांसी-कानपुर राजमार्गऔर मुगलरोड पर वाहन फाग लाइट जलाकर धीमी गति से चले। झांसी-कानपुर रेलवे रूट की कई ट्रेनें भी देरी से चलीं। सहायक स्टेशन मास्टर नरेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि गाड़ी नंबर-12522 (राप्ती-सागर एक्सप्रेस), 12542 (मुंबई-गोरखपुर एलटीटी एक्सप्रेस) और 51803 (झांसी-कानपुर पैसेंजर) ट्रेनें करीब दो-दो घंटे देरी से स्टेशन पहुंची। दोपहर तक बाजार में सन्नाटे की स्थिति रही। ब्यूरो
झींझक ब्लाक क्षेत्र के औरंगाबाद झड़ा गांव के पशु आश्रय केंद्र में मौजूद करीब सौ गोवंश में बीते दिनों एक गाय ठंड से बीमार हो गयी थी, जिसका उपचार पशु चिकित्सा अधिकारी कर रहे थे। रविवार को उसकी मौत हो गई। ग्राम प्रधान मनोज सिंह की सूचना पर पहुंचे पशु चिकित्सक ने पोस्टमार्टम के बाद शव को दफनवा दिया। पशु चिकित्साधिकारी झीझक डॉक्टर अजीत कटियार ने बताया कि पोस्टमार्टम में सर्दी लगने से गाय की मौत हुई है।
सड़कों पर रेंगे वाहन, ट्रेनें भी रहीं लेट
ठंड बढ़ने से जगह-जगह अलाव जलाकर तापते रहे लोग
फोटो संख्या 03एकेबीपी08- घने कोहरे में हाईवे पर लाइट जलाकर रेंगते वाहन
फोटो संख्या 03एकेबीपी09- सर्दी से बचने के लिए अलाव तापते बच्चे
फोटो संख्या 03एकेबीपी10- झींझक स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार करते यात्री