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अस्पतालों में और बिगड़े हालात

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अमर उजाला ब्यूरो
कानपुर देहात। स्वास्थ्य विभाग के संविदा चिकित्सकों और कर्मियों की हड़ताल की हड़ताल के चौथे दिन अस्पतालों में हालात और बदतर हो गए। जिला अस्पताल में जहां मारामारी की स्थिति रहीं वहीं सीएचसी व पीएचसी से ज्यादातर मरीजों को बिना दवा लिए ही लौटना पड़ा। टीबी और कुष्ठ रोग पीड़ितों को भी इलाज नहीं मिल पाया। संदलपुर ब्लाक के हवासपुर सीएचसी में ब्लाक प्रबंधन इकाई व क्षय रोग कक्ष में ताला लटकता रहा।

नैपलापुर के राजकुमार, सदना के सुखदेव सिंह ने बताया कि जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए तीन दिन से भटक रहे हैं। राजपुर पीएचसी में तीन चिकित्सक व 22 संविदा कर्मियों के हड़ताल पर जाने से चिकित्सा प्रभारी डा. डीके सिंह ने अकेले ओपीडी में मरीजों को देखा। जच्चा बच्चा केंद्र आशा व एएनएम के भरोसे है।
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सिकंदरा सीएचसी में मरीजों का ब्लड सैंपल नहीं लिया जा सका। चिकित्सक दीपक गुप्ता ने बाद में आने को कहा। डॉ. दीपक गुप्ता ने बताया कि हड़ताल से दिक्कत हो रही है। रनियां पीएचसी में चिकित्साधिकारी विशाल भसीन ने ओपीडी में अकेले मरीज देखे। यहां 88 मरीज आए थे।

हड़ताल के चौथे दिन 200 से अधिक संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने अर्द्धनग्न होकर जुलूस निकाला। सीएमओ कार्यालय के सामने से हड़ताली कर्मचारी आज करो, अभी करो हमको परमानेंट करो, हम सबने ठाना है संविदा का रोग मिटाना है, व्यवहार न हमसे जुदा करो संविदा को विदा करो नारे लगाते हुए डीएम कार्यालय तक गए। इसके बाद सभी सीएमओ कार्यालय परिसर लौट कर धरने पर बैठ गए।

संगठन के जिलाध्यक्ष भोलेंद्र सिंह ने कहा कि जब तक हमारी मांगों पर सरकार की ओर से सार्थक जवाब नहीं मिलता तक कार्य बहिष्कार के साथ अन्य विकल्पों पर विचार किया जाएगा। 25 जनवरी को सीएमओ कार्यालय से जिला अस्पताल तक महारैली निकालेंगे और 28 जनवरी को लखनऊ के लिए कूच करेंगे। धरना प्रदर्शन में जीपी द्विवेदी, आशीष अवस्थी, दीक्षांत तिवारी, आफताब आलम, तरुण श्रीवास्तव, जयनीत कटियार, यतेंद्र शर्मा, प्रमोद कुमार तिवारी और संजय कुमार आदि शामिल रहे।


केस-1. रसूलाबाद क्षेत्र के अजनपुर इनौती गांव निवासी बेचेलाल टीबी से पीड़ित हैं। वह अपनी बहन के घर रहते हैं। बताया कि टीबी इलाज के रजिस्ट्रेशन के लिए सोमवार से अवासपुर सीएचसी के चक्कर लगा रहे हैं। हड़ताल के कारण गुरुवार को भी लौटना पड़ा।
केस 2. वनवारीपुर गांव की मायादेवी को भी तीन दिन से टीबी की दवा नहीं मिल रही है। बताया कि रोज राजपुर पीएचसी जाती हैं लेकिन हड़ताल के कारण दवा नहीं मिल पाई। कुष्ठ रोगी दुलारे लाल को भी गुरुवार को दवा नहीं मिल पाई।
केस 3. खासबरा निवासी दुलारे ने बताया कि राजपुर पीएचसी गए थे, हड़ताल के कारण कर्मचारी नहीं मिले, इससे बिना दवा के ही लौटना पड़ा।
केस 4. सिकंदरा निवासी तारावती ने बताया कि कस्बे के सीएचसी के पैथलॉजी बंद थी। इससे किसी भी मरीज के खून की जांच नहीं हो पाई। मजबूरन निजी पैथालॉजी जाना पड़ा।
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केस 5. रनियां के सुशील दिवाकर ने बताया कि संविदाकर्मियों की हड़ताल के कारण कस्बे की पीएसी में चार घंटे बाद उपचार मिल पाया। अरविंद ने भी देरी से इलाज मिलने की बात कही।


अस्पतालों में और बिगड़े हालात
हड़ताल के चौथे दिन संविदा स्वास्थ्यकर्मियों ने निकाला अर्द्धनग्न जुलूस
क्रासर
सीएचसी, पीएचसी से मायूस लौटे ज्यादातर मरीज
जिला अस्पताल में भी रही मारामारी की स्थिति
फोटो संख्या 24एकेबीपी08- संदलपुर सीएचसी के ब्लाक कार्यक्रम प्रबंधन इकाई में लटकता ताला
फोटो संख्या 24एकेबीपी09- सिकंदरा सीएचसी में मरीजों की लगी भीड़
फोटो संख्या 24एकेबीपी10- मरीज बेचेलाल
फोटो संख्या 24एकेबीपी11- मरीज माया देवी
फोटो संख्या 24एकेबीपी12- दुलारे लाल
फोटो संख्या 24एकेबीपी13- तारा देवी
फोटो संख्या 24एकेबीपी14- अरविंद
फोटो संख्या 24एकेबीपी15- सुशील

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