संदलपुर/कानपुर देहात। सीएचसी हवासपुर के गेट पर घायल महिला को एंबुलेंस नहीं मिलने पर मौत हो गई। थाना मंगलपुर क्षेत्र के गांव मनकापुर की विक्षिप्त अधेड़ महिला को बुधवार दोपहर कस्बा चौराहे पर ट्रक ने टक्कर मार दी। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल को सीएचसी में भर्ती कराया। यहां उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, लेकिन मौके पर 108 एंबुलेंस नहीं पहुंची। अस्पताल गेट पर ही महिला ने दम तोड़ दिया।
गांव मनकापुर निवासी रामसजीवन ने बताया कि चाचा कन्हैया लाल की बीमारी के चलते दस वर्ष पहले मृत्यु हो गई थी। तब से उनकी चाची रामदुलारी (55) का मानसिक संतुलन बिगड़ गया था। उन्होंने बताया कि सुबह घर से चुपचाप निकल कर कस्बे चौराहे पर सड़क के किनारे पड़ी लकड़ियां बीनने के दौरान सिकंदरा की ओर से आ रहे ट्रक ने टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल को सीएचसी हवासपुर में भर्ती कराया। यहां से उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। मौके पर 108 नंबर एंबुलेंस न होने से घायल को करीब एक घंटे तक ही सीएचसी गेट पर इंतजार करना पड़ा। वहीं, करीब एक घंटे बाद झींझक से एंबुलेंस पहुंची, लेकिन तब तक अधेड़ महिला की मौत हो गई। महिला की मौत की जानकारी होते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
चौकी प्रभारी संदलपुर गजेन्द्र पाल सिंह ने बताया कि महिला को चिकित्सक द्वारा रेफर कर देने से उसका पंचायत नामा जिला अस्पताल पहुंचने के बाद किया जायेगा। ट्रक को कब्जे में लेकर कार्रवाई की जा रही है। इमरजेंसी ड्यूटी में तैनात चिकित्सक डा. गुफरान खान ने बताया कि एंबुलेंस मुहैया कराना उनका कार्य नहीं हैं। उन्हें एंबुलेंस अधिकारी की ओर से 108 नंबर से भेजने के निर्देश हुए थे। मामले पर सीएमओ हीरा सिंह ने कहा कि यह चिकित्सक की लापरवाही है। उस दौरान यदि 102 नंबर एंबुलेंस थी तो उससे रेफर किया जा सकता था। मामले की जांच कराई जाएगी। लापरवाही होने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी।