मंदाकिनी बिना संभव नहीं चित्रकूट का विकास
चित्रकूट। जिलों के ग्रामीण क्षेत्र में शुद्ध पानी उपलब्ध कराने, जल संरक्षण सहित नदियों के प्रदूषण को दूर व ग्रामीणों के विकास करने को भारत सरकार ने रूरल ईको और वाश डायलॉग्स फॉर इको इंटेलिजेंट रूरल कायाकल्प क्षमता वृद्धि योजना शुरू की है। जिसके लिए विज्ञान व प्रौद्योगिकी विभाग कार्य कर रहा है। गुरुवार को विभाग के अध्यक्ष डा. अरविंद कुमार अपनी टीम के साथ चित्रकूट जिले का दौरा कर जल संरक्षण के लिए जिले के अधिकारियों से व समाज सेवियों से मिलकर चर्चा की।
विभागाध्यक्ष ने बताया कि इस परियोजना से उत्तर प्रदेश के छह जिलों कार्य होगा। इनमें चित्रकूट, बहराइच श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थ नगर, फ तेहपुर जिले शामिल हैं। इसके लिए उन्होंने जिलाधिकारी विशाख जी ,मुख्य विकास अधिकारी डॉ. महेंद्र कुमार से जल संरक्षण, नदियों के प्रदूषण व स्वच्छता को लेकरअपने विचार साझा किये ।अधिकारियों ने मंदाकिनी नदी के प्रदूषण को लेकर चिंता व्यक्त की । जिस पर डॉ. कुमार ने माना कि मंदाकिनी नदी के संरक्षण के बिना चित्रकूट का विकास संभव नहीं है ।