घाटमपुर (कानपुर)। गुरुवार को कृषि विभाग की ओर से विकास खंड भीतरगांव के कुम्हऊपुर गांव में फील्ड डे (किसान गोष्ठी) का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत आयोजित कार्यक्रम में संकर ज्वार क्लस्टर प्रदर्शन भी देखे गए। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को फसलों पर लगने वाले रोग और कीटों की पहचान करने के साथ ही समय रहते उनके उपचार के तरीके भी समझाए।
कृषि सलाहकार विनोद सचान ने किसानों को खरीफ की फसलों में जैविक रोग और कीट प्रबंधन के बारे में बताया। कहा कि खरीफ की मुख्य फसल धान में झुलसा रोग और गंधी कीट लगने की दशा में दवा के घोल का छिड़काव करें। जबकि, ज्वार-बाजरा और अरहर की फसलों पर भी झुलसा और गलना रोग लगने पर प्रभावित पौधों को उखाड़कर बाहर कर दें, साथ ही दवा का छिड़काव करें।
कृषि वैज्ञानिक डा.यूएन पांडेय ने किसानों को औद्योगिक फसलों के बारे में जानकारी दी। बताया कि लघु और मध्यम श्रेणी के किसान मसालों की खेती भी करें। धनिया, सौंफ, जीरा, हल्दी, अदरख, लहसुन, मेथी के साथ ही एलोवेरा, कुसुम, पिपरमेंट के साथ ही फूलों की खेती कर अच्छा लाभ कमा सकते हैं। बताया कि बाजार में यह फसलें हाथों-हाथ और अच्छे दामों पर बिकती हैं।
कृषि वैज्ञानिक बच्चन चौधरी ने किसानों को रासायनिक उर्वरकों की जगह खेतों में जैविक खाद का प्रयोग करने की सलाह दी। बताया कि जैविक विधि से तैयार किए गए अनाज, फल और सब्जियों की लोकप्रियता बढ़ी है और बाजार में उनकी खासी मांग है। बताया कि जैविक खेती के जरिए किसान मालामाल हो रहे हैं।
कृषि विषयवस्तु विशेषज्ञ अरुण सिंह ने कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी उपलब्ध कराई। बताया कि योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए किसान आनलाइन पंजीकरण जरूर कराएं। कृषि गोष्ठी में तकनीकी सहायक रामकिशोर और उपेंद्र कुमार ने भी किसानों को जानकारियां दीं। कृषि वैज्ञानिकों ने खेत पर जाकर संकर ज्वार का क्लस्टर प्रदर्शन भी देखा।