झींझक। गुरुवार को मुख्य चिकित्साधिकारी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 5 चिकित्सकों के साथ ही 11 कर्मचारी अनुपस्थित मिले। जिस पर उन्होंने गैरहाजिर डाक्टरों के साथ ही कर्मचारियों से जवाब तलब किया है। साथ ही औचक निरीक्षण में उन्हें साफ-सफाई का अभाव मिला।
गुरुवार को सीएमओ डा. हीरा सिंह, एसीएमओ डा. एपी वर्मा ने झींझक सीएचसी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उपस्थिति पंजिका में राजपत्रित अवकाश लिख कर अधीक्षक डा. विमलेश वर्मा, डा. राजेश, डा. प्रतीक पांडेय, डा. पूजा एवं डा. शिरोमणि सिंह तथा सफाईकर्मी अशोक, रामऔतार व राधेश्याम, राजेश कुमार, आसकरन, भगवंत सिंह, राजवर्धन सिंह, नीता गुप्ता, पिंटू यादव समेत 11 कर्मी अनुपस्थित मिले। जबकि मैटरनिटी विंग में स्टाफ नर्स प्रभा पाल मौजूद थी। वहीं अस्पताल में गंदगी देख उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। इसके बाद उन्होंने भोलानगर मोहल्ला स्थित कृष्णा देवी अस्पताल, छोटा चौराहा स्थित बोस क्लीनिक का निरीक्षण किया। यहां पर भी डॉक्टर नहीं मिला और न कोई अभिलेख मिले। जबकि द्वारिकागंज में बंगाली क्लीनिक बंद मिला। वहीं सीएमओ के निरीक्षण की भनक लगते ही अधिकांश क्लीनिक व स्टोर संचालक अपनी-अपनी दुकानें बंद कर के निकल गए। सीएमओ डा. हीरा सिंह ने बताया कि चिकित्सकों और गैरहाजिर कर्मियों से स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा। वहीं कस्बे के सभी क्लीनिक संचालकों से तीन दिनों में अभिलेख प्रस्तुत करने को कहा गया है।