अमर उजाला ब्यूरो
उन्नाव। कचहरी परिसर में चैंबर की छत से गिरकर हुई अधिवक्ता की मौत के मामले में परिजनों ने पुलिस पर जांच में गंभीर न होने का आरोप लगाया है। परिजनों ने घटना वाले दिन चैंबर में अधिवक्ता के साथ मौजूद रहे लोगों पर शंका जाहिर की है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक घटना में शक की सुई मृत अधिवक्ता के साथियों की ओर घूम रही है। जांच में पुलिस क्राइम ब्रांच की भी मदद ले रही है।
शहर के आवास विकास कालोनी निवासी शशिकांत मिश्रा सोमवार शाम अपने ही चैंबर की छत से गिरकर घायल हो गए थे। लखनऊ में इलाज के दौरान शशिकांत की मौत हो गई थी। शशिकांत के बड़े भाई रमाकांत ने अज्ञात लोगों पर हत्या का शक जताते हुए कोतवाली पुलिस में तहरीर दी थी। हालांकि गुरुवार रात तक पुलिस ने रिपोर्ट नहीं दर्ज की थी। रमाकांत का आरोप है कि गुरुवार को उन्होंने व उनके पिता ने कई बार पुलिस से संपर्क किया लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
उनका आरोप है कि पुलिस घटना को गंभीरता से नहीं ले रही है। उधर भाई की हत्या की वजह के मामले में उन्होंने कहा कि घटना के वक्त कुछ लोग शशिकांत के साथ चैंबर में मौजूद थे। उन्हें शक है कि वह इस घटना में शामिल रहे हैं। वह जल्द ही पुलिस को ऐसे लोगों के नाम बताएंगे। उधर पुलिस की जांच में शक की सुई नजदीकी पर होने का शक है। सूत्रों के मुताबिक भले किसी नजदीकी का घटना में हाथ न हो लेकिन वह घटना के समय अपनी मौजूदगी छिपाने का प्रयास जरूर कर रहे हैं।
-परिजनों का आरोप, हादसे के वक्त साथ थे कुछ साथी
-पुलिस पर घटना को गंभीरता से न लेने का लगाया आरोप