अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। खेत सिंचवाने के लिए साइकिल गिरवी रखने को कहने पर घर की बुजुर्ग महिला ने फटकार लगा दी। इससे क्षुब्ध किशोरी ने जहर खाकर जान दे दी। उधर, संदिग्ध हालात में युवती झुलस गई, जबकि युवक ने जहर खाकर जान देने की कोशिश की। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
गिरवां थाना क्षेत्र के छिबांव गांव में खुशी (13) पुत्री सुशील मिश्रा ने शनिवार को शाम जहर खा लिया। खेत से लौटी मां ने उसे बेहोशी की हालत में पाया। परिजन जिला अस्पताल लेकर आए। देर रात उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
मां विनीता ने बताया कि शनिवार को दोपहर खुशी का ताऊ निजी ट्यूबवेल से खेत की सिंचाई कर रहा था। खुशी ने उससे अपने खेत की सिंचाई करने को कहा तो ताऊ एक हजार रुपये मांगे। इस पर खुशी ने ताऊ की पत्नी से अपनी साइकिल गिरवी रखने को कहा। ताऊ की पत्नी ने खुशी को फटकार दिया। उसे नागवार गुजरा और घर में आकर जहर खा लिया। बताया कि खुशी इंटर कालेज खुरहंड में 7वीं में पढ़ती थी। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
उधर, गिरवां थानाध्यक्ष नीरज यादव ने बताया कि फिलहाल उन्हें इस बारे में कोई सूचना नहीं मिली है। उधर, तना (मध्य प्रदेश) जिले के बरौंधा थाना क्षेत्र के रानीपुर गांव में रोहित (22) पुत्र बाबू ने शनिवार को शाम घरेलू विवाद में जहर खा लिया। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे जिला अस्पताल पहुंचाया।
एक अन्य घटना में चिल्ला थाना क्षेत्र के पपरेंदा गांव में सोना (18) पुत्री राजेश कुमार रविवार को सुबह घर में संदिग्ध परिस्थितियों में झुलस गई। छोटी बहन रजनी ने आग बुझाई। पिता ने बताया कि चूल्हे पर खाना बनाते समय कपड़ों में आग लगने से घटना हुई है। जिला अस्पताल में उसकी हालत नाजुक बताई गई है।
जीवित को मृत बता दिया डॉक्टर ने
बांदा। जहर खाकर गंभीर हालत में पहुंच गई किशोरी खुशी को जिला अस्पताल के चिकित्सक ने जीवित होते हुए भी मृत बता दिया। पोस्टमार्टम हाउस ले जाने के दौरान मां ने सांस चलती देखी तो वापस ट्रामा सेंटर ले आई। साथ ही डाक्टर पर भड़क उठी। अस्पताल कर्मियों ने शांत कराया और इलाज शुरू किया। हालांकि आधा घंटे बाद खुशी की मौत हो गई। मां विनीता मिश्रा ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया।