अमर उजाला ब्यूरो
जालौन। शहर कोतवाली क्षेत्र के पुराना रामनगर इलाके में शुक्रवार की शाम पिता ने अपनी 20 साल की बेटी को दौड़ाकर गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद पिता ने खुद को भी गोली मारी। पिता को गंभीर हालत में जिला अस्पताल लाया गया, जहां हालत गंभीर होने पर उसे कानपुर रेफर कर दिया गया।
पिता को बचाने में दूसरी बेटी भी घायल हुई है। सूचना पाकर कोतवाली पुलिस और एएसपी सुरेंद्र नाथ तिवारी भी मौके पर पहुंचे। दूसरी तरफ युवती की मां ने अपने मकान मालिक पर भी आरोप लगाया है। जबकि एएसपी का कहना है कि मामला पारिवारिक कलह का लग रहा है। घायल बेटी और पिता दोनों ने ही पारिवारिक विवाद की बात बताई है। रही बात मां के आरोपों की तो उसकी भी जांच पड़ताल की जा रही है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के पुराना रामनगर निवासी रमेश खरे के मकान में दो साल से ऐरच निवासी किसान दयाशंकर (55) परिवार के साथ किराये पर रह रहे हैं। शुक्रवार देर शाम दयाशंकर का अपनी बेटी दीपाली (20) से किसी बात पर विवाद हो गया। उस वक्त घर पर दयाशंकर की पत्नी लक्ष्मी और अन्य दोनों बेटियां अंशिका (14) और महक (12) भी थी। पुलिस ने बताया कि विवाद के दौरान ही दीनदयाल ने कमरे में रखा तमंचा निकाल लिया। यह देख दीपाली बाहर छत की ओर भागी।
गुस्साया दयाशंकर भी दौड़ा कर छत पर पहुंचा और गोली मार दी। सीने पर गोली लगते ही दीपाली लहूलुहान होकर गिर पड़ी और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। आग बबूला दयाशंकर वापस कमरे में आया और खुद को गोली मारने का प्रयास करने लगा। छोटी बेटी अंशिका ने पिता के हाथ से तमंचा छीनने का प्रयास किया लेकिन इसी बीच गोली चल गई। दूसरी गोली दीनदयाल के पेट में लगी और उसके छर्रो से अंशिका का हाथ भी लहूलुहान हो गया।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने दयाशंकर और अंशिका को जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां से दयाशंकर को कानपुर रेफर कर दिया। दीपाली की मां लक्ष्मी ने बताया कि बेटी प्राइवेट ट्यूशन पढ़ाती थी। बच्चों की पढ़ाई के लिए वे लोग ऐरच की खेती बाड़ी छोड़कर उरई आए थे। लक्ष्मी का आरोप है कि मकान मालिक रमेश उसके परिवार से रंजिश रखता है। उसी ने पति पर जादू टोना कर बेटी को मरवा दिया। पुलिस मौके पर पहुंची तो मकान मालिक के घर में ताला लगा मिला। इलाकाई लोगों का कहना है कि रमेश और उसका परिवार कहीं दूसरी जगह रहता है।
सीओ संतोष कुमार का कहना है कि गोली पिता के तमंचे से चली है। बदहवास मां कभी घटना का जिम्मेदार मकान मालिक रमेश को बताती है तो कभी रमेश पर गोली मारने का आरोप लगा रही है। कोतवाल देवेंद्र दिवेदी का कहना है कि अंशिका और दयाशंकर ने दोनों ने विवाद के बाद गोली चलने की बात बताई है। सही कारण पता नहीं लग सका है। हो सकता है कि कोई प्रेम प्रसंग का मामला रहा हो, लेकिन अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। रही बात मकान मालिक पर लगे आरोपों की तो उसकी भी जांच पड़ताल की जा रही है।
उरई कोतवाली क्षेत्र के पुराना रामनगर की घटना
पुलिस मान रही है पारिवारिक कलह का मामला