कानपुर देहात। औद्योगिक क्षेत्र रनियां से सटे खानचंद्रपुर में क्रोमियम डंप की वजह से भूजल दूषित हो गया है। एनजीटी की सख्ती के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच का दायरा बढ़ाया है। अब तक 316 की जांच हो चुकी है। 25 नवंबर से 30 नवंबर तक 150 लोगों की रैंडम जांच होगी। इसके लिए टीमें बनाई गई हैं। खानचंद्रपुर में दूषित जल से लोगों को परेशानी होने पर वर्ष 2019 में पहली बार 40 लोगों के रक्त के नमूने जांच के लिए भेजे गए थे। इसकी रिपोर्ट आने में ही कई साल बीत गए।
डिप्टी सीएमओ डॉ. आशीष वाजपेयी ने बताया कि नवंबर 2023 में रिपोर्ट आने पर 20 लोगों में मानक से अधिक क्रोमियम मिला था। एनजीटी की ओर से निर्देश मिलने के बाद से स्वास्थ्य विभाग ने खानचंद्रपुर में मॉनीटरिंग शुरू की थी।
दिसंबर 2023 से लेकर अब तक कुल 276 लोगों की जांच करवाई जा चुकी है। इसमें से 157 में क्रोमियम मिला। अगस्त माह में खानचंद्रपुर के 2500 लोगों में बीमारियों के लक्षण पता लगाने के लिए सर्वे किया था। क्रोमियम के प्रभाव की स्थिति पता करने के लिए एनजीटी के निर्देश पर 15 सितंबर तक उमरन गांव के 2700 लोगों में बीमारियों के लक्षण पता लगाने के लिए सर्वे किया गया था।
इसके बाद 25 अक्तूबर से 30 अक्तूबर के बीच खानचंद्रपुर व उमरन के लोगों के किडनी व लिवर फंक्शन टेस्ट, क्रोमियम व मर्करी जैसे तत्वों की जांच के लिए रक्त व यूरिन के 102 नमूने लेकर जांच के लिए लखनऊ भेजे गए हैं। इसकी रिपोर्ट आने का इंतजार है। साथ ही 25 नवंबर से 30 नवंबर तक 150 और लोगों के रैंडम तरीके से नमूने लेकर जांच के लिए भेजे जाएंगे। वहीं लोगों के स्वास्थ्य की निगरानी के लिए प्रतिमाह आठ स्वास्थ्य शिविर भी लगाए जा रहे हैं।