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फिर बाधित हुआ तीन नंबर ट्रैक

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उन्नाव। लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस के पटरी से उतरने का हादसा इतना भयानक था कि इससे हिलीं पटरियों व स्लीपरों को एक पखवाड़ा बाद भी रेलवे पूरी तरह से दुरुस्त नहीं कर सका है।
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हालात यह हैं हादसे के 14 दिन बाद इस ट्रैक पर काशन देकर ट्रेनों का संचालन शुरू किया गया, लेकिन पटरियों में अधिक जंपिंग होने से इसकी फिर से मरम्मत शुरू कर दी गई। इससे यह ट्रैक मंगलवार को दोबारा बाधित हो गया।

मालूम हो 21 मई को कानपुर से लखनऊ की ओर जा रही लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस उन्नाव जंक्शन स्थित प्लेटफार्म नंबर-तीन पर पटरी से उतर गई थी। इसमें किसी यात्री को तो नुकसान नहीं हुआ था, लेकिन ट्रैक और ट्रेन को नुकसान हुआ था।
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घटना के बाद प्रशासन राहत कार्य में जुट गया और अधिकारियों ने मौके पर आकर जल्द इस व्यस्ततम ट्रैक को सुचारु होने के दावे किए। लेकिन ट्रैक के जर्जर होने के कारण करीब 13 दिन बाद तीन जून को इस ट्रैक पर काशन देकर ट्रेनों का संचालन शुरू किया गया।

काशन होने के बाद भी ट्रैक पर अधिक जंपिंग देखने को मिली तो रेल अधिकारियों ने घटनास्थल से आगे के स्लीपरों की जांच की। इसमें करीब 67 स्लीपरों को काफी जर्जर पाया गया और इन्हें बदलने का निर्णय विभागीय अफसरों ने लिया। इसके चलते मंगलवार को इस ट्रैक पर स्लीपरों को बदलने का काम शुरू किया गया।

काम में लगे कर्मचारियों की मानें तो ट्रैक पर ट्रेनों को काशन देकर गुजारा जा रहा था, लेकिन ट्रेनों के जंपिंग लेने के कारण करीब 67 स्लीपरों को और बदलने के निर्देश मिले हैं। इन्हें बदलने के बाद फिर से ट्रैक की जांच की जाएगी।
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-रेलवे ने 67 जर्जर स्लीपर बदले, इसी डाउन ट्रैक से उतरी थी लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस
-सोमवार देर शाम इसमें जंपिंग अधिक होने से रेलवे ने स्लीपर बदलना शुरू किया था
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