उन्नाव। जिले में लक्ष्य के सापेक्ष गेहूं खरीद पर संशय हैं। अब तक लक्ष्य के सापेक्ष सिर्फ 42 प्रतिशत ही गेहूं की खरीद हो पाई है। खरीद की समयसीमा 15 जून तक है। ऐसे में अब आठ दिन में अधिकारियों को 41 हजार एमटी गेहूं की खरीदारी करनी होगी। समय कम होने के कारण लक्ष्य के बराबर खरीदारी होना मुश्किल है।
मालूम हो एक अप्रैल से गेहूं खरीद शुरू हुई थी। इसके लिए जिले में 46 खरीद केंद्र खोले गए हैं। प्रदेश सरकार की ओर से जिले को 72500 मीट्रिक टन (एमटी) खरीद का लक्ष्य दिया गया था और 15 जून तक गेहूं की खरीद की जानी है। अब तक जिला प्रशासन लक्ष्य के सापेक्ष लगभग 30638 एमटी गेहूं की खरीदारी कर चुका है।
ऐसे में यदि प्रशासन शत-प्रतिशत खरीदारी करने का लक्ष्य बनाता है तो आठ दिन में 41862 एमटी गेहूं खरीदना होगा। फिलहाल स्थितियों को देखते हुए यह मुश्किल लग रहा है।
हालांकि प्रशासन लगातार खरीद प्रक्रिया पर नजर बनाए है। खरीद से जुड़े कर्मचारियों पर किसानों की उपज खरीदने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। इसके बाद भी खरीद तेजी नहीं पकड़ पा रही है।
चार साल से धड़ाम रही गेहूं की खरीद: खाद्य विपणन विभाग के सूत्रों की मानें तो वर्ष 2013 में गेहूं खरीद धड़ाम रही थी। लक्ष्य 69 हजार मीट्रिक टन का था और खरीद मात्र 2404.26 मीट्रिक टन हुई थी।
यह कुल लक्ष्य का मात्र 3.48 फीसदी था। वर्ष 2014 में सबसे कम गेहूं खरीद का रिकार्ड बना था। वर्ष 2015 में खरीद का लक्ष्य 35 हजार एमटी का था, लेकिन खरीद 8261 एमटी ही हो सकी थी। पिछले साल 2016 में 55000 एमटी लक्ष्य के सापेक्ष महज 4450 एमटी (लक्ष्य का 4 प्रतिशत ही) गेहूं खरीदा जा सका था।
गंजमुरादाबाद में तीन हजार क्विंटल खरीदे: गंजमुरादाबाद के ग्राम गोशाकुतुब में गेहूं खरीद केंद्र में मात्र 20 दिनों में करीब तीन हजार क्विंटल गेहूं की खरीदारी हुई है। अप्रैल में केंद्र पर गेहूं की आवक न के बराबर रही। 10 से 31 मई तक मंडियों में मूल्यों में उछाल न होने के कारण केंद्र पर जबरदस्त गेहूं की आवक हुई।
-अब आठ दिन में लक्ष्य की पूर्ति के लिए करनी होगी 41 हजार एमटी गेहूं की खरीदारी