जंगली कुत्तों को पकड़ने में वनविभाग लाचार
अमर उजाला ब्यूरो
गुगरापुर। कुत्तों के आतंक से दहशतजदा ग्रामीणों का हाल जानने चार दिन बाद वन विभाग की टीम विकास खंड गुगरापुर के पट्टी मटेहना गांव पहुंची। टीम ने ग्रामीणों के साथ जाकर कटरी का जायजा लिया। जंगली कुत्तों को भी दिखाया गया। सारी जानकारी जुटाने के बाद टीम लौट गई। जिला वनाधिकारी आरके सिंह ने कहा कि उनके पास कुत्तों की रोकथाम के लिए कोई अधिकार नहीं है। ग्रामीण खुद आत्मरक्षा में कुत्तों को मार सकते हैं।
बताते दें कि कटरी क्षेत्र के गांव मटेहना में जंगली कुत्तों का आतंक हैं। कुत्तों ने 30 जून को गांव के विशाल (12) पुत्र रामचंद्र को नोचकर मार डाला था। अगले दिन 31 जून को कुत्तों ने कटरी क्षेत्र में बकरी चराने गई किशोरी संध्या पुत्री शिवशंकर और कुमकुम पुत्री अनिल बाथम पर हमला कर दिया था। किशोरियों के शोर मचाने पर ग्रामीण ने उन्हें बचाया था। दोबारा हमला करने के प्रयास में ग्रामीणों ने एक कुत्ते को खुरपी मारकर घायल कर दिया था।
ग्रामीणों ने वन विभाग से कुत्तों पर अंकुश लगाने की मांग की थी। तीन दिनों तक हाथ पर हाथ धरे बैठे वन विभाग के अफसर चौथे दिन तब हरकत में आए जब जिलास्तरीय अधिकारी ने उनसे सवाल जवाब किया। इसके बाद शनिवार को वन दरोगा शैलेंद्र कुमार दीक्षित, वन रक्षक प्रमोद सिंह यादव, समर सिंह गौर टीम के साथ गांव पहुंचे। गांव में ग्रामीणों से जंगली कुत्तों के बारे में पूछताछ की। ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम को काली नदी किनारे ले जाकर कुत्ते भी दिखाए। इसके बाद वन विभाग टीम लौट गई।
बकरी को नोच रहे कुत्तों को ग्रामीणों ने खदेड़ा
गुगरापुर। शुक्रवार की देर रात काली नदी किनारे स्थित गांव मल्लापुरवा निवासी पातीराम कुशवाहा गर्मी अधिक होने के कारण घर के बाहर चारपाई पर सो रहे थे। रात में एक जंगली कुत्ता गांव के छोर पर स्थित उनके घर के पास आ गया। कुत्ते ने बाड़ में बंधी बकरी को पीछे से नोचना शुरू कर दिया। तभी बकरी की आवाज सुनकर पातीराम जाग गए और उन्होंने शोर मचाया और लाठियां पटककर कुत्ते को खदेड़ा।
जंगली कुत्तों की तलाश के लिए बनाई टीम
गुगरापुर। जंगली कुत्तों के हमले से ग्रामीण दहशत में हैं। ग्रामीणों ने जंगली कुत्तों की तलाश के लिए टीम बनाई है। यह टीम एक-एक घंटे में जंगली कुत्तों की तलाश में निकलती है। ग्रामीण शंभू दयाल बाथम, राजेंद्र तिवारी, रामगिरी तिवारी, विमल किशोर, राधेश्याम बाथम, श्रीराम, गिरीश बाथम, नंदराम बाथम आदि ने बताया कि अब रात में जागना मजबूरी हो गई है। शनिवार सुबह छह बजे से ग्रामीणों ने टीम बनाकर निगरानी शुरू कर दी है। 10-10 ग्रामीणों की टीम जंगली कुत्तों की तलाश में कटरी क्षेत्र में निकलती है। देर शाम तक ग्रामीण कुत्तों को भगाते नजर आए।
डीएम ने डीएसओ से मांगा जवाब
गुगरापुर। विकास खंड के मटेहना में कुत्तों के हमले की खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया है। अमर उजाला के शनिवार के अंक में प्रकाशित खबर को पढ़ने के बाद डीएफओ ने टीम को गांव भेजा और आदेश दिए कि गांव जाकर देखें कि ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं। उन्होंने ऐसे जानवरों को मानवीय जीवन के लिए खतरा बताया है।
आत्मरक्षा में मार सकते हैं कुत्ते
वन विभाग के पास कुत्तों की रोकथाम के लिए कोई अधिकार नहीं हैं। ग्रामीण आत्मरक्षा के लिए कुत्तों को मार सकते हैं। जंगली कुत्तों को मारने में कोई सजा का प्रावधान नहीं है। आत्मरक्षा ग्रामीणों का अधिकार है। - आरके सिंह, जिला वनाधिकारी, कन्नौज।
- वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों के साथ कटरी का लिया जायजा, ग्रामीण खुद करें कुत्तों से अपनी सुरक्षा
- गांव में कुत्तों का है आतंक, 30 जून को किशोर को मार डाला था
- जिला वनाधिकारी बोले, कुत्तों की रोकथाम के नहीं हैं अधिकार