हसनगंज (उन्नाव)। कोतवाली क्षेत्र में भूसा और पुआल भरी कच्ची कोठरी में आग लग गई। फायर ब्रिगेड ने आग बुझाई तो भीतर एक करीब दस साल के बच्चे का शव मिला। मृत बच्चे की पहचान नहीं हो सकी। एसओ के मुताबिक आसपास के गांव का भी कोई बच्चा लापता नहीं है। शव काफी जला होने से लड़का है या लड़की इसका भी पता नहीं चल पाया है।
हसनगंज के दयालपुर निवासी विपुल तिवारी पुत्र स्व. देवकिशन के घर से करीब 500 मीटर दूर मौहारी बाग में उनकी कच्ची कोठरी है। यहां उनकी मां प्रभा तिवारी अकेली रहती हैं। विपुल के मुताबिक आधी कोठरी में पुआल और भूसा भरा था। मां प्रभा बीस दिन पहले दिल्ली में रह रही बेटी वंदना के यहां गई हैं। तबसे कोठरी बंद थी।
शुक्रवार शाम करीब सात बजे कोठरी में आग लग गई। ग्राम प्रधान नन्हकी देवी के पति ओमलाल की सूचना पर दमकल पहुंची और करीब एक घंटे में आग बुझाई। इसके लोग भीतर पहुंचे तो वहां एक करीब दस वर्षीय बच्चे का जला शव मिला। जानकारी पर हसनगंज कोतवाली एएसआई अभिमन्यु फोर्स के साथ पहुंचे। पुलिस ने दयालपुर सहित आसपास के गांवों में जानकारी कराई लेकिन कहीं भी बच्चा लापता होने की सूचना नहीं मिली। शव काफी जला होने से ये भी पता नहीं चला कि शव लड़के का है या लड़की का। पुलिस ने विपुल से तहरीर लेकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
इन बिंदुओं पर हो रही जांच
कोतवाली प्रभारी धर्मवीर सिंह ने बताया कि घटना संयोग नहीं लग रही है। हो सकता है किसी ने योजना बनाकर वारदात को अंजाम दिया हो। जांच की जा रही है कि कोठरी का दरवाजा बंद था तो बच्चा भीतर कैसे पहुंचा। किसी ने कुंडी खोलकर बच्चे को भीतर फेंकने के बाद आग लगाई है। बच्चा कहीं से आया या फिर उसे यहां लाकर हत्या करने के बाद राज छिपाने के लिए कोठरी में फेंक कर आग लगाई गई।
-हसनगंज के दयालपुर गांव की घटना, बीस दिन से बंद थी कोठरी
-आधे हिस्से में भरा था पुआल व भूसा, किसी बच्चे के लापता होने की सूचना नहीं