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अब आंगनबाड़ी में पोषाहार बोरियों पर होगा बार कोड

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कानपुर देहात। आंगनबाड़ी केंद्रों में आने वाले पोषाहार की कालाबाजारी रोकने के लिए शासन ने नया कदम उठाया है। आंगनबाड़ी में भेजी जाने वाली पोषाहार की बोरियों पर बार कोड होगा। जिसे कोई भी अपने मोबाइल से स्कैन करके केंद्र के बाबत पूरा विवरण देख सकेगा। यह व्यवस्था कानपुर मंडल के सभी छह जिलों में मिलाकर केवल झींझक ब्लाक में लागू होगी। इसके बाद इसे हर ब्लाक पर लागू किया जाएगा।
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आमतौर पर आंगनबाड़ी केंद्रों में गर्भधात्री महिलाओं व बच्चों के लिए आने वाले पोषाहार के कालाबाजारी की शिकायतें रहती हैं। कई बार मवेशियों को पोषाहार खिलाने के मामले सामने आए हैं। पकड़े जाने की स्थिति में लोग पोषाहार की बोरियां फेंक कर भाग जाते थे जिससे यह पता नहीं चलता था कि यह बोरियां किस केंद्र से खरीद कर लाई गई हैं। इन समस्याओं को दूर करने के लिए शासन ने केंद्र वार बार कोडेड बोरियां भेजने का फैसला किया है। अब बोरियों की कालाबाजारी होने पर अगर यदि किसी गांव में खाली बोरी भी पड़ी मिल गई तो कोई भी मोबाइल से स्कैन करके यह जान लेगा कि यह बोरी किस ब्लाक के किस केंद्र की है और उस केंद्र के कार्यकर्ता का नाम क्या है। इस प्रक्रिया से कालाबाजारी करने से पहले कार्यकर्ता कई बार सोंचेंगे।
प्रदेश सरकार ने यह व्यवस्था कुछ ही ब्लाकों में शुुरू की है। कानपुर मंडल के सभी छह जिलों में मिलाकर सिर्फ एक ब्लाक का चयन किया है। जिसमें जिले का झींझक ब्लाक शामिल है। जिले में कुल 1750 केंद्र संचालित हैं। फिलहाल अभी यह व्यवस्था झींझक ब्लाक में संचालित 151 केंद्रों में व्यवस्था शुरु होगी। इसके बाद झींझक के अलावा अन्य नौ ब्लाकों में भी यही व्यवस्था लागू हो जाएगी।
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प्रशिक्षण के लिए लखनऊ बुलाए गए
झींझक ब्लाक की सुपरवाइजर व सीडीपीओ, डीपीओ को बार कोडेड बोरियों के बावत प्रशिक्षण देने के लिए लखनऊ बुलाया गया है। इसके लिए 27 जुलाई तिथि निर्धारित की गई थी, लेकिन बढ़ा दिया गया है। अब अगस्त के पहले सप्ताह में प्रशिक्षण कराए जाने की उम्मीद है।
बोरियों के वितरण में लगेगा काफी समय
बार कोडेड बोरियां आने के बाद कालाबाजारी पर भले ही रोक लग जाए। लेकिन ब्लाक स्तर से केंद्र वार वितरण करने में काफी समय लगेगा। अभी तक सभी केंद्रों के लिए एक जैसी बोरियां होती थी, पर अब केंद्रवार बोरी निर्धारित होकर आएंगी। ब्लाक स्तर पर पोषाहार की रैक में केंद्रवार बोरियों की छटनी करके उन्हें देना बड़ा काम होगा। बोरियों में एक-एक केंद्र की बोरी ढूंढने के लिए बोरी को स्कैन करना होगा। जिससे इसके वितरण में काफी समय लगेगा।

शासन ने नई व्यवस्था लागू की है। व्यवस्था सभी ब्लाकों में नहीं होगी, फिलहाल कानपुर मंडल में झींझक ब्लाक का चयन हुआ है। इस व्यवस्था से कालाबाजारी की संभावनाओं पर रोक लग जाएगी। जल्द ही लखनऊ में प्रशिक्षण कराया जाएगा-राकेश कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी
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