उन्नाव। सूबे की सरकार ने सरकारी योजनाओं की मानीटरिंग सख्त कर दी है। सरकार के निशाने पर वह योजनाएं खास निशाने पर हैं, जो केंद्र सरकार से संचालित हो रही हैं। अब बीएसए कार्यालय व टोल फ्री नंबर पर मिड-डे मील योजना में खामी की शिकायत दर्ज होने के तीन दिन के भीतर एमडीएम प्रभारी को निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं। निस्तारण में हीलाहवाली उजागर होने पर एमडीएम प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई होगी।
सर्व शिक्षा अभियान के तहत बेसिक स्कूलों के बच्चों को मुफ्त शिक्षा के साथ ही दोपहर का भोजन परोसा जा रहा है। छात्रों को गुणवत्ता युक्त भोजन उपलब्ध कराने को केंद्र सरकार खाद्यान्न के अलावा कनवर्जन कास्ट में बड़ा बजट खर्च कर रही है। योजना में खर्च हो रही धनराशि ग्राम शिक्षा निधि के खाते में भेजी जाती है।
इस खाते का संचालन ग्राम प्रधान व हेडमास्टर संयुक्त रूप से करते हैं। गुणवत्ता युक्त भोजन परोसने की धनराशि पर शिक्षक व ग्राम प्रधान घालमेल कर जेबें भर रहे हैं। योजना में बंदरबाट की शिकायतें आए दिन डीएम, बीएसए कार्यालय पर दर्ज होती हैं। योजना में घालमेल की भारी संख्या में शिकायतें दर्ज होने के बाद सीएम ने सख्त मानीटरिंग का फैसला लिया है। सीएम के विशेष सचिव ने मध्यान्ह भोजन प्राधिकरण को पत्र भेजकर दर्ज हो रहीं शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
शिकायतों पर क्या कार्रवाई की गई है इसका रिकार्ड सीएम कार्यालय को देना होगा। मध्यान्ह भोजन प्राधिकरण उप निदेशक ने बेसिक शिक्षाधिकारियों को पत्र जारी कर शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण कर रिपोर्ट मांगी है। दो से तीन दिन के भीतर शिकायत निस्तारण न होने की दशा में एमडीएम प्रभारी की जवाबदेही तय की है। शिकायत निस्तारण में लीपापोती पर एमडीएम प्रभारी को बर्खास्त करने के संकेत दिए हैं। प्रभारी बीएसए नसरीम फारूकी ने बताया मामला जानकारी में आया है। शिकायतों के निस्तारण में कोई हीलाहवाली नहीं की जाएगी।
-मिड-डे मील योजना की सरकार कर रही मानीटरिंग
-तीन दिन में शिकायत का होगा निस्तारण, प्रभारी की जवाबदेही तय
अमर उजाला ब्यूरो