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समायोजन की लिस्ट में भी खेल, दावे फेल

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औरैया। समायोजन लिस्ट में नाम शामिल होने के बाद मनमाना स्कूल पाने के लिए शिक्षक जुगत में लग गए हैं। वहीं जुगत के कारण बीएसए कार्यालय की ओर से जारी लिस्ट में तमाम खामियां भी सामने आ रही हैं।
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कहीं पर विज्ञान/गणित टीचरों का नाम समायोजन लिस्ट में शामिल कर दिया गया है तो कहीं पर जूनियर की जगह सीनियर टीचर का नाम लिस्ट में है। ऐसे में अब टीचरों में ऊहापोह की स्थिति है।

प्रदेश सरकार ने भले ही शिक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए तमाम योजनाएं चलाकर बच्चों को अच्छी शिक्षा मुहैय्या कराए जाने के निर्देश किए हों, लेकिन जिले के विभागीय अधिकारी उनकी मंशा पर पानी फेरते नजर आ रहे हैं। हाल ही में परिषदीय विद्यालयों में टीचरों की समायोजन की लिस्ट जारी की गई है।
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बीएसए कार्यालय की ओर से जारी लिस्ट में खामियां बहुत हैं। समायोजन लिस्ट में जिले के करीब 500 टीचरों के नाम हैं। इस लिस्ट में तमाम नाम ऐसे हैं जिनमें विज्ञान/गणित के टीचरों का भी लिस्ट में शामिल कर दिया गया है।

जबकि हाल ही में शासन की ओर से प्रत्येक विद्यालय में एक-एक गणित/विज्ञान के टीचर के होने की अनिवार्यता आवश्यक कर दी गई है। इसके अलावा कई विद्यालय ऐसे हैं जहां पर जूनियर टीचरों की बजाए सीनियर टीचरों का ही नाम समायोजन लिस्ट में है। जबकि जूनियर टीचरों का ही नाम समायोजन सूची में शामिल होना था।


बोली लगाओ, मनचाहे स्कूल पाओ: सूत्रों की माने तो जिले के परिषदीय विद्यालयों के समायोजन की सूची चस्पा होने के बाद अब मनचाहे विद्यालय के नाम पर बोली भी लगने लगी हैं। यह बोली 40 से लेकर 50 हजार रुपये तक की हैं।

समायोजन में पूरी पारदर्शिता है : परिषदीय विद्यालयों में समायोजन किए जाने का काम पूरी पारदर्शिता के साथ किया जा रहा है। अगर किसी कारणवश कोई गलती हो गई है तो उसे ठीक किया जाएगा। समायोजन की सूची चस्पा कर दी गई है। अगर किसी टीचर को आपत्ति होगी तो उसे सुधारा जाएगा। इसके अलावा अगर टीचर सेटिंग किए जाने का आरोप लगा रहे हैं तो वह निराधार हैं। - एसपी यादव, बेसिक शिक्षा अधिकारी
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-लिस्ट जारी होते ही मनमाने विद्यालय पाने की जुगत भिड़ाने लगे शिक्षक
अमर उजाला ब्यूरो
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