केडीए से 14 साल में हमें शिवगोदावरी स्कीम, पोखरपुर और स्वर्ण जयंती विहार में तीन छोटे प्लॉट आवंटित हुए। अपनी गाढ़ी कमाई से किस्तें जमा कीं। अब तक किसी भी प्लॉट पर कब्जा नहीं मिल पाया है। अफसरों के चक्कर लगाते-लगाते चप्पलें घिस गईं। मैडम, अगर एक प्लॉट पर कब्जा मिल जाए तो किराए के घर से छुटकारा मिल जाए।
यह गुहार समस्या समाधान शिविर के दौरान बिरहाना रोड के वेदानंद पाठक ने केडीए वीसी जयश्री भोज से रविवार को लगाई। समस्या समाधान शिविर के अंतिम दिन सुबह से आवंटियों की भीड़ जुटने लगी। आवंटियों ने प्राधिकरण के भूतल में आवेदन फार्म लेकर भरे और उन्हें केडीए के कंप्यूटर में दर्ज कराकर आईडी नंबर लिया।
शिविर में कमिश्नर मुहम्मद इफ्तिखारुद्दीन और केडीए उपाध्यक्ष जयश्री भोज ने संपत्ति, नक्शा, प्रवर्तन, कब्जा, फ्री-होल्ड, नामांतरण, मुआवजा, निबंधन बकाया धनराशि आदि से संबंधित आवंटियों की समस्याएं सुनीं। समस्याओं के जल्द से जल्द निस्तारण के आदेश संबंधित अफसरों को दिए गए। शिविर में दोपहर दो बजे तक 643 आवेदन आए। इनमें से 41 का मौके पर निस्तारण किया गया।
इन्होंने भी की सुनवाई
केडीए सचिव केपी सिंह, अपर सचिव अनिल भटनागर, प्रदीप सिंह, वित्त नियंत्रक विनोद कुमार लाल, मुख्य अभियंता वीके गोयल, सरवत अली, मुख्य नगर नियोजक स्वराज गांगुली, संयुक्त सचिव ओमप्रकाश सिंह, उप नगर आयुक्त राकेश कुमार यादव, उप सचिव मयंक यादव, संतोष यादव, सोमकमल सीताराम, तहसीलदार बीएल पाल, प्रदीप रमन, आत्म स्वरूप श्रीवास्तव।