कानपुर। यातायात विभाग ने शहर को जाम मुक्त बनाने को सीएफडी यानी कजेंक्शन फ्री डिस्टि्रक्ट योजना बनाई है। इसमें शहर समेत 20 जिले शामिल हैं। शहर में 14 रूटों को चिह्नित करने के साथ ही सर्वाधिक जाम वाले मार्ग और चौराहों की मैपिंग शुरू हो गई है। इन पर टीम के साथ रूट मार्शल तैनात किए गए हैं। वे जाम लगने के कारण और उससे निपटने के उपाय भी बताएंगे जिससे उन पर अमल किया जा सके।
यातायात विभाग के अनुसार शहर में जाम के कारणों की बात करें तो घंटाघर से टाटमिल की तरफ आने-जाने के रास्तों पर बेतरतीब खड़े ऑटो-टैंपों से जाम लगता है। साउथ एक्स माॅल और शनिदेव मंदिर चौराहे के पास के पास शाम को और सहालग में यशोदानगर चौराहे के पास गेस्ट हाउसों के कारण भीड़भाड़ रहती है। हैलेट से कंपनी बाग होकर गंगा बैराज जाने में दो स्कूलों के पास छुट्टी के वक्त जाम लगता है।
ग्राहकों की गाड़ियां लगा रहीं जाम
हैलेट में ओपीडी के कारण लोग पैदल सड़क पार करते हैं। इससे ट्रैफिक धीमा होकर जाम लगाता है। मेडिकल स्टोर वाली साइड में ग्राहकों के सड़क पर वाहन खड़े करने से जाम लगता है। विजयनगर चौराहे पर फल और सब्जी मंडी एवं ऑटो टेंपो का अतिक्रमण रहता है। हैलट पुल उतरने पर पैथलॉजी सेंटर और नजदीकी स्कूल के बाहर सड़क पर खड़े वाहन जाम लगाते हैं। चावला चौराहे पर फव्वारे का पुराना ढांचा स्थित है। यातायात विभाग के लोगों के अनुसार इसको हटाया जाना आवश्यक हैं।
चार छोटे चौराहों के पास लगता जाम
घंटाघर (सेंट्रल रेलवे स्टेशन) से बीमा चौराहा के रास्ते में एक्सप्रेस रोड पर लोडर ऑटो जाम लगाते हैं। नरौना तक जाने में तेलियाना, शनिदेव मंदिर भूसाटोली, हूलागंज, शनिदेव मंदिर जैसे चार छोटे चौराहे पड़ते है जहां से गाड़ी टर्न होती है। इससे भी जाम लगता है। नरौना में पेट्रोल पंप के पास, मुरे कंपनी पुल की शुरुआत में, राॅकेट तिराहा, पुरानी चुंगी और टाटमिल पर सिपाहियों की जरूरत है।
कोट:
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यह हैं 14 रूट
1-अफीमकोठी से नौबस्ता
2-हैलट से कंपनीबाग के रास्ते गंगा बैराज
3-घंटाघर से यशोदानगर
4-गुरुदेव चौराहे से गंगाबैराज
5-घंटाघर से बीमा चौराहा
6-अफीमकोठी से भौंती बाईपास
7-रावतपुर तिराहे से नया गंगा पुल
8-मंधना से गंंगा बैराज
9-रामादेवी से आईआईटी
10-बीमा चौराहे से भौंती बाईपास
11-विजयनगर से कल्याणपुर क्राॅसिंग
12-हैलट से बर्रा बाईपास
13-घंटाघर से गोल चौराहा
14-बिठूर तिराहे से बिठूर कस्बे तक
कोट:::
14 रूट चिह्नित किए गए हैं। इन पर रूट मार्शल तैनात किए जा रहे हैं। वह रूट की समस्याओं और जाम के कारणों के बारे में जानकारी देंगे।
- रवींद्र कुमार, डीसीपी ट्रैफिक