शुक्लागंज (उन्नाव)। पारिवारिक कलह से परेशान एक युवती अपनी 4 वर्ष की मासूम बेटी को लेकर बुधवार की भोर में गंगा में छलांग लगा दी। नाविक के देख लेने से मासूम को तो बचा लिया गया, लेकिन युवती की मौत हो गई। गोताखोरों की मदद से शव को बाहर निकाला गया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए शव भेज दिया।
शुक्लागंज के इंद्रानगर निवासी नीरज मिश्रा पुत्र राजकुमार मिश्रा ने बताया कि पांच वर्ष पूर्व प्रतापगढ़ निवासी कल्पना मिश्रा (24) से विवाह हुआ था। जिससे एक बेटी काव्या (4) हुई। नीरज कानपुर में केबिल नेटवर्क में काम करता है। पति ने बताया कि कुछ दिनों से पत्नी आएदिन बिना किसी कारण के झगड़ा करती रही। बीते मंगलवार की रात नीरज अपने पिता राजकुमार को मुंबई छोड़ने के लिए कानपुर सेंट्रल गया था। देररात वह घर लौटा तो पत्नी ने दरवाजा देर में खोला। इस पर उसने कारण पूछा तो वह नाराज होकर सोने को चली गई।
बुधवार की सुबह अचानक दरवाजा खोलकर बिना किसी को बताए बेटी काव्या को लेकर गंगा कटरी पहुंच गईं, जहां उसने गंगा में छलांग लगा दी। जानकारी उसे कटरी निवासी श्रीराम व अन्य लोगों से हुई। काव्या को बचाने वाले नाविक श्रीराम निवासी इंद्रा नगर कटरी ने बताया कि घटना भोर करीब चार बजे की है, शोरगुल होने पर पत्नी आशा ने उसे गंगा में किसी के डूबने की बात कही। उसने गंगा में छलांग लगा कर काव्या को तो बचा लिया लेकिन कल्पना को नहीं बचा सका। जानकारी उसने पुलिस को दी। बालू घाट चौकी इंचार्ज रवींद्र सिंह भदौरिया ने बताया घटना पारिवारिक कलह के कारण होना प्रतीत हो रही है। शव को सील कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मायके पक्ष से यदि कोई तहरीर आती है तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।