फर्रुखाबाद। ‘फर्रुखाबाद जिला है चंबल की घाटी है। कोई अधिकारी और कर्मचारी यहां नहीं आना चाहता। इस जिले की कानून व्यवस्था बेहद खराब है।’। ये बात परिवहन उप आयुक्त और आरटीओ प्रवर्तन कानपुर ने शुक्रवार को कार्यालय के निरीक्षण के दौरान कही। वह सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी के सिपाही और चालक की पिटाई के मामले में शुक्रवार को निरीक्षण करने आए थे।
परिवहन उप आयुक्त चुन्नी लाल ने वार्ता में बताया कि जिस कर्मचारी और अधिकारी का फर्रुखाबाद जिले के लिए तबादला किया जाता है। वह अवकाश पर या मेडिकल पर चला जाता है। कोई भी आने को तैयार नहीं है। यहां आए दिन अधिकारी और कर्मचारियों से विवाद होता है। यहां की स्थिति चंबल की घाटी के समान है। एआरटीओ
कार्यालय में बाहरी लोगों को रोकने और दलालों पर कार्रवाई करने की जिम्मेदारी पुलिस की है, लेकिन पुलिस इसमें दिलचस्पी नहीं लेती है। इस कारण इस कार्यालय की स्थिति खराब है। उपायुक्त ने सरकारी ड्राइवर के कार्यालय में न आने और प्राइवेट व्यक्ति से गाड़ी चलवाने के सवाल पर कहा कि अटैच गाड़ी को प्राइवेट व्यक्ति हीं
चलाता है। सरकारी ड्राइवरों का यही हाल है, वह घर बैठे वेतन लेते है। उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिलने पर वह फर्रुखाबाद में विभागीय जांच के नहीं आए है, जिसके साथ घटना हुई है। उससे मिलने और संवेदना की खातिर आए है। इसके बाद उप आयुक्त और आरटीओ प्रवर्तन ने कार्यालय की स्थिति देखी और एआरटीओ संजय झा के साथ विचार विमर्श किया। एसपी मृगेंद्र सिंह ने बताया कि इस संबंध में शनिवार को कार्यालय आओ, तब बात करते है और जानकारी देते है। कार्यालय में क्यूआरटी भी सुरक्षा के लिए लगाई गई है।
फर्रुखाबाद नहीं आना चाहते अधिकारी
परिवहन उप आयुक्त चुन्नी लाल बोले ‘फर्रुखाबाद है चंबल की घाटी’
गुरुवार को एआरटीओ में मारपीट मामले की जांच करने पहुंचे अधिकारी ने कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल
अमर उजाला ब्यूरो