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बच्चे कुपोषित मिले तो होगी कार्रवाई

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अमर उजाला ब्यूरो
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फतेहपुर। प्रदेश के अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग के प्रमुख सचिव आलोक सिन्हा ने बुधवार को प्रशासनिक अफसरों की बैठक ली। उनके निशाने पर बाल विकास पुष्टाहार के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग भी रहा। कुपोषण को लेकर उन्होंने खास तौर पर अफसरों को चेतावनी दी। कहा कि जिन अफसरों के गोद लिए गांवों में बच्चे कुपोषित मिलेंगे, उन पर कार्रवाई होगी। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं पर भी शिकंजा कसा।

प्रमुख सचिव आलोक सिन्हा ने विभागवार समीक्षा की। एक-एक विभाग के अफसर से कार्यों पर सवाल-जवाब किए। बाल पुष्टाहार विभाग की समीक्षा के दौरान कहा कि वे महीने भर बाद फिर आएंगे। यह वक्त सुधर जाने का है। अच्छा होगा कि ऐसा काम न करें कि उन्हें कार्रवाई को विवश होना पड़े। उन्होंने कहा कि अधिकारियों के गोद लिए गांवों में कुपोषित या अति कुपोषित बच्चे होने की बात सामने आई तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
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जिला पंचायत राज विभाग की समीक्षा में स्वच्छ भारत मिशन पर जोर दिया। कहा कि शौचालय निर्माण का लक्ष्य समय रहते पूरा किया जाए। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में सीएचसी व पीएचसी में डॉक्टरों की उपलब्धता की जानकारी ली।

साथ ही दवाओं पर भी फोकस रखा। कहा कि डॉक्टर ईमानदारी से ड्यूटी निभाएं। बाहर की दवाएं न लिखी जाएं। निर्माणाधीन सीएचसी और पीएचसी पर कार्यदाई संस्थाओं को गुणवत्तापरक और समय से काम करने की हिदायत दी। डीएम कुमार प्रशांत, एसपी श्रीपर्णा गांगुली, सीएमओ डॉ. विनय कुमार पांडेय, सदर एसडीएम अवनीश राय, बिंदकी एसडीएम सत्य प्रकाश सिंह, खागा एसडीएम अमित भट्ट्र, डीडीओ रमेश चंद्रा, डीआरडीए पीडी एके निगम भी मौजूद रहे।

इनसेट-
लापरवाही पर नपेंगे नाजिर
फतेहपुर। प्रमुख सचिव आलोक सिन्हा ने दोपहर पौने तीन बजे सदर तहसील का निरीक्षण किया। विनिमित क्षेत्र, चकबंदी, अभिलेखागार, तहसीलदार न्यायालय, संग्रह अनुभाग का मुआयना किया। प्रमुख सचिव के घेरे मेें नाजिर आ गए।

उन्होंने नाजिर की कार्यप्रणाली पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि अगर किसी प्रकार की लापरवाही मिली तो पद से हटा दिया जाएगा। विनिमित क्षेत्र के जेई को 15 दिन के अंदर नक्शा पास करने की हिदायत दी। पत्रावलियों के रखरखाव पर जोर देने के बाद तहसीलदार से एक वर्ष से अधिक के लंबित मुकदमों कानिस्तारण कराने की बात कही।

अफसरों ने ली राहत की सांस
फतेहपुर। प्रमुख सचिव को दो दिन जिले में रहकर प्रशासनिक कामकाज का भौतिक सत्यापन भी करना था। पूरा कार्यक्रम तैयार था। इसका अहसास कलक्ट्रेट में चल रही मीटिंग के दौरान भी रहा था।
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इसी दौरान लखनऊ से प्रमुख सचिव के पास फोन आ गया। फोन आने के बाद कानाफूसी शुरू हो गई। मीटिंग खत्म होने पर जैसे ही पता चला कि प्रमुख सचिव अभी निकल जाएंगे तो अफसरों ने राहत की सांस ली।
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