फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मृतकों को दे दिए प्रधानमंत्री आवास

विज्ञापन
विज्ञापन
मृतकों को दे दिए प्रधानमंत्री आवास
विज्ञापन


हरदोई। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शुमार प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण को भ्रष्टाचार का घुन लग गया है। योजना के तहत जनपद में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा सामने आया है। सुविधा शुल्क के लिए न सिर्फ अपात्राें को आवास आवंटित कर दिए गए, बल्कि तीन ऐसे लोगों को भी आवास आवंटित हो गए, जिनकी मौत कई वर्ष पूर्व हो चुकी है।

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत चयनित होने वाले लाभार्थियों को एक लाख बीस हजार रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। वित्तीय वर्ष 2016-17 तक 40-40 हजार रुपये की तीन समान किस्तें दिए जाने का प्राविधान था, जो अब बदल गया है। जनपद में हरियावां विकास खंड के ग्राम भदेउरा में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वित्त वर्ष 2016-17 में 44 लोगों का चयन किया गया था। चयन होने के बाद इन सभी के बैंक खातों में 40-40 हजार रुपये की पहली किस्त निर्माण कार्य के लिए भेज दी गई थी।
विज्ञापन


यह धनराशि आहरित भी कर ली गई। अब पता चला है कि 44 में से 30 लाभार्थी पूरी तरह से अपात्र हैं। विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि प्रकरण की शिकायत मुख्य विकास अधिकारी राधेश्याम से की गई थी। उन्होंने उक्त प्रकरण की जांच उपायुक्त स्वत: रोजगार एसके गुप्त और ग्राम्य विकास अभिकरण के सहायक अभियंता राजेश भदौरिया को सौंप दी थी।

बीते दिनाें दोनों अधिकारियाें ने गांव पहुंचकर जांच की थी। बुधवार को जांच रिपोर्ट गोपनीय रूप से मुख्य विकास अधिकारी को सौंप दी गई। मुख्य विकास अधिकारी ने जांच रिपोर्ट ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक प्रदीप कुमार यादव को आगे की कार्रवाई के लिए भेजी है। जांच रिपोर्ट में 30 अपात्राें को पात्र बताकर योजना का लाभ दिए जाने की पुष्टि हुई है।

मृतकों के नाम बैंक खाता भी खुल गया
विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि ग्राम प्रधा और ग्राम पंचायत अधिकारी ने मिलीभगत से तीन ऐसे लोगों को योजना से लाभान्वित किया गया, जिनकी मौत कई वर्ष पूर्व हो चुकी थी। चौहानी पत्नी सुकरत, गौहरि पत्नी फल्लन और टोकियो पत्नी जोधे इन लाभार्थियों में शामिल हैं, जिनकी मौत हो चुकी है। इन तीनों को न सिर्फ योजना का लाभ मिला बल्कि बैंक खाता खुलवाकर उसमें योजना के तहत धनराशि भी भेजी गई। फिर पैसा भी आहरित कर लिया गया।

12 लाभार्थियाें ने एक ही खाते में स्थानांतरित की पहली किस्त
पूरे खेल में बैंक के अधिकारी, कर्मचारी भी शामिल बताए जा रहे हैं। दरअसल 44 में से 12 लाभार्थियाें ने पहली किस्त के रूप में मिले 40-40 हजार रुपये नेफ्ट के जरिए एक ही बैंक खाते में स्थानांतरित कर दिए। चौहानी, गौहरि, टोकियो, श्यामलाल, लक्ष्मीकांत, दंगा, महमूद हसन, लल्ला, लालाराम, हबीब अहमद, अकबर और इस्लाम के खातों में भेजी गई पहली किस्त, सद्दाम के बैंक खाते में स्थानांतरित कर दी गई।

खेल में सब शामिल
सूत्र बताते हैं कि पूरे खेल में ब्लाक के कर्मचारियाें से लेकर ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव की भी मिलीभगत रही। इतना ही नहीं लाभार्थियों का चयन होने के बाद खंड विकास अधिकारियाें से सत्यापन कराया गया था लेकिन खंड विकास अधिकारी के सत्यापन में भी गड़बड़ी पकड़ में नहीं आई।
विज्ञापन


जांच हो गई है लेकिन जांच रिपोर्ट उन तक नहीं पहुंची है। जांच में जो भी दोषी पाया गया है, उसके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के साथ ही रिकवरी की कार्रवाई की जाएगी।
- पीके यादव, परियोजना निदेशक।

- हरियांवा विकास खंड के ग्राम भदेउरा का मामला
- 44 लाभार्थियों में से 30 निकले अपात्र
- मौत होने के बाद भी तीन को कर दिया आवास आवंटित
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें