ट्रेनों के पहिए थमने से शनिवार को हजारों यात्रियों का सफर अधूरा रह गया। दिल्ली में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन और यातायात प्रभावित होने की आशंका के चलते रेलवे ने श्रमशक्ति, कानपुर शताब्दी समेत 13 ट्रेनों का संचालन निरस्त कर दिया। इससे किसी की जरूरी यात्रा छूट गई तो कोई अपनों के सुख-दुख में शामिल नहीं हो सका। ट्रेनों के निरस्त होने पर 11,768 यात्रियों ने टिकट वापस कर दिए, जिससे रेलवे को 31.56 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ। वहीं, दूसरी ट्रेनों में यात्रियों का दबाव बढ़ने से जनरल और स्लीपर कोचों में चढ़ने के लिए मारामारी की स्थिति बन गई।
शनिवार को 456 यात्रियों को कनेक्टिंग रिजर्वेशन के आधार पर दूसरी ट्रेनों से भेजने की व्यवस्था की गई। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, करीब 7,100 यात्रियों की ट्रेनें दिल्ली नहीं पहुंच पाने के कारण यात्रा छूट गई। सुबह कानपुर सेंट्रल के प्लेटफार्मों पर अपेक्षाकृत सन्नाटा रहा, लेकिन दोपहर बाद दिल्ली जाने वाली ट्रेनों में भीड़ बढ़ गई।
उत्तर मध्य रेलवे, प्रयागराज के सीपीआरओ डॉ. शिवम शर्मा ने बताया कि ट्रेनों के निरस्त होने से सीमांचल एक्सप्रेस, नेताजी एक्सप्रेस और जोधपुर-हावड़ा एक्सप्रेस में यात्रियों का दबाव बढ़ गया। दोपहर में सीमांचल और नेताजी एक्सप्रेस के प्लेटफार्म नंबर एक पर पहुंचते ही यात्रियों में चढ़ने की होड़ लग गई। भीड़ नियंत्रित करने के लिए आरपीएफ और जीआरपी के जवान सक्रिय रहे। जनरल और स्लीपर कोचों में चढ़ने वाले यात्रियों की वीडियोग्राफी भी कराई गई। आरपीएफ प्रभारी एसएन पाटीदार सीसीटीवी फुटेज कक्ष से विभिन्न प्लेटफार्मों पर भीड़ की स्थिति पर नजर रखते रहे।
बांदा निवासी धर्मेंद्र ने बताया कि वह शनिवार सुबह चार बजे बांदा से कानपुर सेंट्रल पहुंचे थे। उन्हें दिल्ली में एक गमी के कार्यक्रम में शामिल होना था, लेकिन ट्रेन नहीं चलने के कारण वह नहीं जा सके। एस-5 कोच में उनकी सीट बुक थी। टिकट लौटाने के बाद वह निराश होकर घर वापस लौट गए। वहीं, यश ने बताया कि गाजियाबाद की एक कंपनी में नौकरी के लिए 11 अक्तूबर को उनका इंटरव्यू है। उन्होंने एक दिन पहले पहुंचकर होटल में आराम करने की योजना बनाई थी, लेकिन अब रविवार को गोमती एक्सप्रेस से जल्द रवाना होना पड़ेगा। वहीं, रेलवे के अनुसार रविवार को गोमती और नई दिल्ली-रांची एक्सप्रेस निर्धारित समय से चलेंगी।
रेलवे को 31.56 लाख से अधिक का नुकसान
पीआरओ अमित सिंह ने बताया कि कानपुर सेंट्रल और आसपास के क्षेत्र में बड़ी संख्या में यात्रियों ने टिकट वापस किए। इससे रेलवे को 31,56,822 रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। आईआरसीटीसी के माध्यम से अभी और टिकट वापस होने की संभावना है।
शनिवार को निरस्त रहीं 13 ट्रेनें
श्रमशक्ति एक्सप्रेस, राजेंद्रनगर-दिल्ली एक्सप्रेस, नई दिल्ली-राजेंद्रनगर तेजस राजधानी, कानपुर शताब्दी एक्सप्रेस, नई दिल्ली-इस्लामपुर मगध एक्सप्रेस, नई दिल्ली-लखनऊ तेजस एक्सप्रेस, संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस, नई दिल्ली-सियालदह राजधानी, गोमती एक्सप्रेस, बनारस-नई दिल्ली शिवगंगा एक्सप्रेस, नई दिल्ली-बनारस एक्सप्रेस, दिल्ली-प्रयागराज स्पेशल और नई दिल्ली-हावड़ा राजधानी एक्सप्रेस निरस्त रहीं।