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जिले के 50 गांवों को गोद लेकर बच्चों को सुपोषित करेंगे

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कानपुर देहात। आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत कुपोषित बच्चों को सामान्य श्रेणी में लाने के लिए शासन के निर्देश पर अफसरों ने जिले 50 गांवों को गोद लिया है। प्रत्येक अधिकारी जिले के दो गांवों को गोद लेकर वहां पर कुपोषित बच्चों की पड़ताल कर उनको सुपोषित बनाएंगे। इनमें उन गांवों को गोद लिया गया है जहां कुपोषित बच्चों की संख्या अधिक है। प्रत्येक माह अफसर अपने गोद लिए गांव जाएंगे और आंगनबाड़ी में पुष्टाहार वितरण के बावत जानकारी कर बच्चों के स्वास्थ्य में होने वाले सुधार पर नजर रखेगें। बच्चों का अपने सामने वजन कराएंगे। इसके साथ गांव की अन्य योजनाओं पर भी नजर रखेंगे।
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प्रदेश सरकार ने कुपोषित बच्चों को सामान्य श्रेणी में लाने के लिए अफसरों को गांव गोद लेने के निर्देश दिए हैं। बाल विकास विभाग ने ऐसे 50 गांवों को चिंहित किया था। जिस पर 25 अफसरों को दो-दो गांव दिए गए हैं। डीएम राकेश कुमार सिंह ने मलासा के मोहम्मदपुर व हैदरपुर को, जबकि सीडीओ महेंद्र कुमार राय ने मलासा के ही फरजाबाद व बलरामऊ गांव को गोद लिया है। डीडीओ अभिराम त्रिवेदी ने अकबरपुर ब्लाक के इकघरा व कृपालपुर को जिला कार्यक्रम अधिकारी राकेश यादव ने सरवनखेड़ा ब्लाक के आलापुर व फत्तेपुर रोशनाई को गोद लिया है।
इसी तरह से जिला उद्यान अधिकारी, अधिशासी अभियंता नलकूप, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण खंड द्वितीय, पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत, डीपीआरओ, डीएसओ, समाज कल्याण अधिकारी आदि 25 अधिकारियों को दो गांव दिए गए हैं। इन गांवों में प्रत्येक माह के 25 तारीख के पहले अफसर जाकर आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण करेंगे। वहां पोषाहार वितरण की हकीकत देखेंगे। इसके साथ ही कुपोषित बच्चों का वजन कराएंगे और उनके स्वास्थ्य में हो रही प्रगति की रिपोर्ट जिला कार्यक्रम अधिकारी को देंगे।
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वहीं, राकेश कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी ने कहा कि कुपोषित बच्चों को स्वस्थ करने के लिए 50 गांवों को अफसरों ने गोद लिया है। गोद लेने से समान्य गांवों की अपेक्षा यहां मनीटरिंग अधिक होगी। पुष्टाहार वितरण में गड़बड़ी की संभावना नहीं रहेगी, जिससे बच्चों की सेहत में सुधार होगा।
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