फर्रुखाबाद। निकाय चुनाव में गैर राजनीतिक दलों में भी सियासी जोड़तोड़ शुरू है। अपने-अपने प्रत्याशी को जिताने की जुगत में सांगठनिक निष्ठा व सिद्धांत भी किनारे लगे हैं। जिला लोधी क्षत्रिय महासभा में भी इन दिनों कुछ ऐसी ही खेमेबंदी दिखाई दे रही है। जिलाध्यक्ष ने जहां अपने समर्थकों के साथ भाजपा प्रत्याशी को समर्थन दे रखा है, वहीं संगठन महामंत्री ने बसपा प्रत्याशी को समर्थन दे दिया है। संगठन के दो धड़ों में बंटे होने से लोधी समाज के लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं।
अखिल भारतीय लोधी महासभा के जिलाध्यक्ष राधेश्याम वर्मा ने चार-पांच दिन पहले जिले के सांसद मुकेश राजपूत की मौजूदगी में एक होटल में भाजपा प्रत्याशी को समर्थन देने की घोषणा की थी। इस दौरान उनके साथ संगठन के कई लोग भी मौजूद थे। इसके ठीक एक दिन बाद ही संगठन के जिला महामंत्री ईश्वरदयाल राजपूत ने
पूर्व जिलाध्यक्ष बाबूराम वर्मा समेत कई समर्थकों के साथ बसपा प्रत्याशी को समर्थन देने की घोषणा कर दी। जिलाध्यक्ष व महामंत्री के अलग-अलग दलों को समर्थन देने से संगठन में आपसी कलह भी शुरू हो गई है। एक ही संगठन के दो पदाधिकारियों के दो दलों को समर्थन देने से इन जिम्मेदारों की कार्यशैली पर सवालिया निशान लग
रहे हैं। जिलाध्यक्ष राधेश्याम वर्मा का कहना है कि चुनाव में हर किसी को अधिकार है कि वह अपने मन के प्रत्याशी को समर्थन करे। महामंत्री ईश्वरदयाल राजपूत ने बताया कि जिलाध्यक्ष ने जब भाजपा प्रत्याशी को समर्थन देने की घोषणा की थी तो उन्हें बैठक में बुलाया तक नहीं गया था। बसपा प्रत्याशी से उनके पुराने संबंध हैं। इसलिए उन्होंने अपने समर्थकों के साथ उन्हें समर्थन दिया।
जिला लोधी क्षत्रिय महासभा में दो फाड़
निकाय चुनाव में संगठन के जिलाध्यक्ष भाजपा प्रत्याशी को तो महामंत्री बसपा प्रत्याशी के साथ खड़े
अमर उजाला ब्यूरो