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नवोदय के छात्रों ने की भूख हड़ताल

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नवोदय के छात्र-छात्राओं ने की भूख हड़ताल
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छात्रा की खुदकुशी के बाद दोषियों पर कोई कार्रवाई न होने से थे नाराज
तीन शिक्षकों के स्थानांतरण की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
जलालाबाद।
जवाहर नवोदय विद्यालय अनौगी की छात्रा सिमरन की आत्महत्या के बाद से स्कूल में चल रही गर्मागर्मी शुक्रवार को भी जारी रही। इस मामले में कोई कार्रवाई न होने पर नौ से इंटर तक के छात्र-छात्राओं ने परिसर में भूख हड़ताल शुरू कर दी। विद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्राचार्या व स्टाफ के समझाने के बाद भी छात्रों ने अनशन समाप्त नहीं किया। शाम को जवाहर नवोदय विद्यालय लखनऊ के सहायक आयुक्त अंबेश कुमार ने स्कूल पहुंचकर बच्चों से बात की और जांच कराकर दोषियों पर कठोर कार्रवाई का आश्वासन दिया। लेकिन छात्र नहीं माने। रात 10 बजे एसडीएम कन्नौज, एसडीएम तिर्वा और सीओ कन्नौज विद्यार्थियों से बातचीत करने पहुंचे। खबर लिखे जाने तक वार्ता जारी थी।
बच्चों ने बताया कि जवाहर नवोदय विद्यालय का माहौल अच्छा नहीं है। सिमरन जैसा मामला विद्यालय में दोबारा न हो व उसे इंसाफ मिले, इसे लेकर वे भूख हड़ताल पर हैं। छात्रों का कहना कि वे अपना भविष्य दांव पर लगाकर स्कूल स्टाफ को सुधारना चाहते हैं। स्कूल स्टाफ द्वारा माता-पिता की बेइज्जती से क्षुब्ध होकर सिमरन ने खुदकुशी कर ली थी। आरोप लगाया कि विद्यालय की प्राचार्या सुमनलता यादव, टीटीआई मैडम अमिता सिंह, लाइब्रेरियन टीचर आराधना गुप्ता रोजाना छात्राओं पर भद्दे कमेंट करतीं हैं। अपशब्दों का प्रयोग करती हैं। जब तक इन लोगों का स्थानांतरण नहीं हो जाता उनका अनशन जारी रहेगा। प्राचार्या का कहना है कि सिमरन की आत्महत्या से उनका कोई लेना-देना नहीं है। छात्र दबाव बनाकर उन्हें हटवाना चाहते हैं। सारे आरोप निराधार हैं। उधर, शाम को स्कूल पहुंचे जवाहर नवोदय विद्यालय लखनऊ के सहायक आयुक्त अंबेश कुमार ने बच्चों से बात की। सहायक आयुक्त ने बताया कि बच्चों की प्राचार्य व स्कूल स्टाफ को लेकर कुछ समस्याएं हैं। बच्चों की समस्याओं का निस्तारण जल्द किया जाएगा। बच्चों से बात चल रही है, जांच के बाद जो भी दोषी पाया गया उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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बच्चे बोले, डरावनी है स्कूल की सच्चाई
जलालाबाद। भूख हड़ताल पर बैठे जवाहर नवोदय विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने मीडिया को बताया कि जवाहर नवोदय विद्यालय आदर्श विद्यालय नहीं है। अभिभावकों को यह विद्यालय अच्छा व आदर्श दिखाई पड़ता है, लेकिन इसके अंदर की सच्चाई उतनी ही डरावनी है। यहां कालेज स्टाफ बच्चों से सीधी बात करना तो छोड़िए भद्दे कमेंट करते हैं। गलती न होते हुए भी बच्चों को प्रताड़ित किया जाता है। जवाहर नवोदय विद्यालय के अधिकारी इन शिक्षकों नही हटाते, तो हालात और बिगड़ जाएंगे।
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प्राचार्य के साथ सुरक्षित नहीं है बच्चे
जलालाबाद। अनशन कर रहे छात्र-छात्राओं के मध्य सिमरन की बुआ विनीता सिंह पहुंच गईं। कहा कि सभी छात्र-छात्राएं शांतिप्रिय ढंग से अपनी आवाज बुलंद करें तो शासन-प्रशासन के संज्ञान में आएगा। सिमरन को भी न्याय मिलेगा। दोबारा किसी के माता-पिता अपमानित न हों, किसी छात्र को आत्महत्या न करनी पड़े, इसके लिए आवाज उठाना जरूरी है। उन्हाेंने मीडिया से कहा कि इस विद्यालय के बच्चे प्राचार्या सुमनलता यादव के साथ सुरक्षित नहीं है। इससे पूर्व अनन्या गुप्ता ने भी प्राचार्या की प्रताड़ना से परेशान होकर आत्महत्या का प्रयास किया था। उन्हाेंने जिला प्रशासन से प्राचार्या को जेल भेजने की मांग की है।
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