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ट्रांसफर, निलंबन व बहाली का मांगा ब्योरा

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अमर उजाला ब्यूरो
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उन्नाव। बेसिक शिक्षा विभाग पर सरकार का शिकंजा हर दिन कसता ही जा रहा है। विवादों में फंसने के साथ ही लंबे समय से एक ही जिले व मंडल में जमे बीईओ के तबादले की कार्रवाई के साथ ही सरकार ने सपा शासन में हुए ट्रांसफर, निलंबन व बहाली का ब्योरा तलब किया है। हाल ही के महीनों में हुई ट्रांसफर पोस्टिंग की जांच शासन में लंबित होने के बीच संयुक्त सचिव के निर्देश से जिम्मेदार अफसरों में ऊहापोह का माहौल बन गया है।


16 जून को बेसिक शिक्षा परिषद की नई तबादला नीति जारी होने के बाद जनपदीय ट्रांसफर व समायोजन को हरी झंडी दी गई है। समायोजन व ट्रांसफर प्रक्रिया को पारदर्शिता के साथ संपन्न कराने के सख्त निर्देश सरकार ने बेसिक शिक्षा विभाग के अफसरों को दिए हैं। पूर्व की सपा सरकार में ट्रांसफर, निलंबन व निलंबन के बाद बहाली में मानकों को दर किनार कर जमकर भ्रष्टाचार किए जाने के जमकर आरोप लगे।
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सूबे की सरकार आरोपों की हकीकत पता लगाने के लिए जांच करा रही है। इसी क्रम में बुधवार को संयुक्त सचिव बेसिक शिक्षा परिषद अशोक कुमार गुप्ता ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को ई-मेल कर 11 मार्च 2017 के पहले किए गए शिक्षकों के ट्रांसफर, निलंबन व निलंबन बहाली की कार्रवाई का ब्योरा एक सप्ताह में कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
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संयुक्त सचिव के ई-मेल की जानकारी बीएसए व बीईओ में होते ही ऊहापोह के हालात बन गए हैं। तीन बिंदुओं पर मांगी गई रिपोर्ट कार्यालय व शिक्षकों में चर्चा का केंद्र बन गई है। गुरुवार को बीएसए कार्यालय में मौजूद रहे अधिकारी संयुक्त सचिव के ई-मेल को लेकर काफी परेशान नजर आए। प्रभारी बीएसए बिरजू भारती ने संयुक्त सचिव के निर्देश की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि बीएसए अवकाश पर हैं। छुट्टी से वापसी के बाद आगे की कार्रवाई होगी।


ट्रांसफर, निलंबन व बहाली का मांगा ब्योरा
संयुक्त सचिव ने बीएसए को ई-मेल कर एक सप्ताह में मांगी है रिपोर्ट
11 मार्च 2017 के पहले हुए ट्रांसफर, निलंबन व बहाली का देना है ब्योरा
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