रनियां (कानपुर देहात)। रनियां औद्योगिक क्षेत्र से लेकर बारा व रायपुर तक हाईवे की सर्विस रोड पर लगे बिजली के खंभे हादसे का सबब बने खड़े हैं। उद्यमियों ने कई बार उद्योग बंधु में समस्याएं उठाई। मगर समस्या जस की तस है। दिसंबर माह में कोहरा पड़ने लगेगा, ऐसे में हादसे की संभावनाएं और बढ़ गईं है।
हाईवे की सर्विस रोड फैक्टरी आने वाले कर्मचारियों का सुबह शाम आवागन होता है। वहीं कई माल वाहक भी गुजरते हैं। हाईवे पर कभी जाम की स्थिति बनी तो वाहन सवार इसी रास्ते से गुजरते हैं। ऐसे में यह खंभे जहां बाधा डालते हैं, वहीं हादसे का खतरा बना रहता है। बता दें कि कानपुर नगर की सीमा रायपुर से औरैया बार्डर तक लगभग 68 किलोमीटर तक जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग का दायरा है।
आबादी क्षेत्र में स्थानीय लोग सुरक्षित आवागमन के लिए कुछ स्थानों को छोड़कर सर्विस रोड से सफर करते हैं। रायपुर से बारा तक 400 विद्युत पोल एचटी व एलटी लाइन के लगे थे। जिसमें एनएचएआई की टीम दोनों साइड के 280 पोल शिफ्ट कराने का दावा कर रहा है। वहीं, एक सैकड़ा से अधिक विद्युत पोल अभी भी जस तस लगे हुए हैं। इनमें कई डबल पोल हैं, जिनमें ट्रांसफार्मर रखे हैं। आईआईए के चेयरमैन आलोक जैन ने बताया कि कई बार पोल शिफ्टिंग मुद्दा उठाया गया है, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है।
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रायपुर से लेकर बारा तक खतरे का सफर
रनियां। रायपुर से बारा तक की करीब 15 किलोमीटर का सफर है। कानपुर जाने वाले लेन पर अधिक खंभे है। वहीं, रनियां में लोग सर्विस रोड का ज्यादा इस्तेमाल करते है। ऐसे में यह खंभे खतरा बने हुए है। अब अगर कोहरा पड़ा तो आैर लोगों ने सर्विस रोड का इस्तेमाल किया तो हादसे भी हो सकते हैं।
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कई जगह रखे पत्थर भी हादसे का कारण
सर्विस लेन पर जिन स्थानों पर ट्रांसफार्मर व विद्युत पोल हैं। वहां पर एनएचएआई कर्मियों ने पोल से कोई न टकराए, इसके लिए बड़े-बड़े पत्थर रख दिए हैं। अक्सर रात के अंधेरे में दो पहिया वाहन चालक पत्थर से टकराकर हादसे का शिकार हो जाते है।
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वर्जन...
रायपुर से बारा तक 400 पोल लगे थे। एनएचएआई की ओर से 280 पोल शिफ्ट कर दिए गए है। अभी 120 शेष है। ठेकेदार को भुगतान न होने के कारण काम बंद है। - सुमित व्यास, अधिशाषी अभियंता विद्युत विभाग