हरदोई के मझिला थाना क्षेत्र के ग्राम फत्तेपुर गाजी में तीन दिन से लापता बालक का शव सोमवार को सुखेता नदी के किनारे पड़ा मिला। शव का आधा हिस्सा जानवर खा चुके थे और कुछ हिस्सा जमीन में भी दबा हुआ था। घटना की जानकारी से परिवार में कोहराम मच गया।
मझिला थाना क्षेत्र के ग्राम फत्तेपुर गाजी के मजरा गाजीपुर निवासी घनश्याम का पुत्र सूरजपाल (12) बीती 12 मई को गांव के ही सत्यपाल की पुत्री की शादी में शामिल होने गया था। वहीं से वह लापता हो गया था। घनश्याम का दावा है कि उसने पुलिस को गुमशुदगी के बारे में सूचना दी थी, लेकिन पुलिस ने खोजबीन करने की बात कही।
सोमवार सुबह लगभग साढ़े दस बजे गांव के पास से निकली सुखेता नदी में एक बालक का शव पड़ा होने की जानकारी ग्रामीणों से मिली तो घनश्याम भी घटनास्थल पर पहुंच गया। शव उसके पुत्र का सूरजपाल का ही था। शव देखकर घनश्याम बिलख पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो शव का आधा हिस्सा नदी के अंदर की ओर मिट्टी में दबा हुआ था, जबकि कुछ हिस्सा जानवरों ने खा लिया था।
घटना की जानकारी पर मझिला थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में ले लिया। मझिला थानाध्यक्ष विनोद कुमार मिश्र ने बताया कि घनश्याम ने शाहजहांपुर जनपद के सेहरामऊ दक्षिणी निवासी गोविंद पुत्र परसादी पर हत्या करने और शव फेंक देने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। तहरीर के आधार पर हत्या की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
गांव में रहने वाले लोगों की मानें तो शादी वाले दिन गोविंद सूरजपाल को बर्फ दिलाने के बहाने अपने साथ ले गया था। उसके बाद गोविंद तो शादी में दिखा, लेकिन फिर सूरजपाल नजर नहीं आया। लोग समझते रहे कि सूरजपाल अपने घर चला गया है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। आशंका जताई जा रही है कि गोविंद ने सूरजपाल के साथ कुकर्म किया और भेद खुलने के डर से उसकी हत्या कर शव को नदी के पास जमीन में आधा दफन कर दिया।