माई सिटी रिपोर्टर
कानपुर। नगर निगम 12 वार्डों को मॉडल वार्ड के रूप में विकसित करेगा। गुरुवार को वार्ड चिह्नित कर लिए गए हैं। नगर आयुक्त ने वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इन वार्डों के सभी घरों से नियमित रूप से कूड़ा उठान, गीला-सूखा कूड़ा अलग-अलग कराने, गंदगी, सीवर भराव और जलभराव की समस्या से क्षेत्रवासियों को निजात दिलाने के निर्देश दिए। साथ ही मैनहोलों के टूटे चैंबर बदलवाने, सभी अवैध विज्ञापन पट हटाने, छुट्टा मवेशियों को पकड़ने के लिए भी कहा। इन सभी वार्डों में प्रभारी अधिकारियों की नियुक्ति की गई जो अपनी टीम के साथ 15 दिवसीय अभियान चलाएंगे।
नगर आयुक्त ने कहा कि चयनित सभी वार्डों में सुबह 6:00 बजे तक और दोपहर में सफाई कर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। बीट प्लान आधारित कार्यप्रणाली लागू की जाए। प्रत्येक सफाई कर्मी निर्धारित बीट प्लान के अनुसार कार्य करे। सभी की उपस्थिति एवं कार्य की निगरानी मस्टर रोल के माध्यम से की जाए। सफाई नायक और पर्यवेक्षक नियमित रूप से निरीक्षण कर रिपोर्ट दें। डोर टू डोर कूड़ा एकत्रित कर रहे प्रत्येक वाहन के साथ जागरूक करने के लिए एक-एक सदस्य मौजूद रहे। दोपहर एक बजे तक पर्यवेक्षक टीम दोबारा निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार करे। प्रत्येक चयनित वार्ड में नालों, सीवर सफाई के लिए एक दिन निर्धारित हो। मलिन बस्तियों, सार्वजनिक शौचालयों, विद्यालय परिसरों व भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष सफाई अभियान चले। अभियान के दौरान यदि सीवर, जलापूर्ति, स्ट्रीट लाइट, छुट्टा मवेशी, मच्छर या अन्य जनसमस्याएं चिन्हित हों तो संबंधित विभाग तत्काल कार्यवाही करें। घरों से कूड़ा उठा रहे वाहनों, कर्मचारियों की सूची नगर आयुक्त कार्यालय भेजें। पन्नियों का उपयोग रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलाएं।
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चयनित वार्ड
वार्ड 78-सिविल लाइंस
वार्ड 32-रायपुरवा
वार्ड 24-कृष्णानगर
वार्ड 92-किदवईनगर दक्षिणी
वार्ड 100-किदवईनगर उत्तरी
वार्ड 5-जवाहरनगर
वार्ड 6-भन्नानापुरवा
वार्ड 21-खाड़ेपुर
वार्ड 25-नवीननगर काकादेव वार्ड 27-नानकारी
वार्ड 19-कल्याणपुर दक्षिणी
वार्ड 62–स्वर्ण जयंती विहार
अतिक्रमण विरोधी अभियान आज से
एक अगस्त से 15 अगस्त तक चलने वाले वृहद अतिक्रमण विरोधी अभियान की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को इसकी तैयारियों के निर्देश दिए गए। टीम ने 15 अगस्त से पहले पुलिस के सहयोग से शहर को अतिक्रमण मुक्त करने का संकल्प लिया। क्षेत्रीय अपर नगर आयुक्तों को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई। अभियान की प्रतिदिन की रिपोर्ट तलब की गई।